सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप ने कहा कि बजट में ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को लेकर कई प्रावधान किए गए हैं। व्यापारिक जगत में सरकारी तंत्र का दखल कम से कम हो, इस पर चिंतन किया गया है। छोटी-मोटी गलतियों की आपराधिक धाराओं को हटा दिया गया है। पहले किसी कारण से किसी को कोई आमदनी होती थी, तो उस पर 78 प्रतिशत टैक्स लगता था, बजट में उसे घटाकर 38 प्रतिशत कर दिया गया है। बजट में जिन कारणों से तनाव होता था, उन्हें सरल कर दिया है। मंत्री काश्यप ने यह बात भारतीय जनता पार्टी द्वारा केंद्रीय बजट 2026 को लेकर आयोजित व्यापारियों से संवाद एवं परिचर्चा में कही। वे यहां मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे। ‘बजट अब आंकड़ों का मायाजाल नहीं’ मंत्री काश्यप ने कहा कि आम जनमानस के बीच बजट को लेकर 70 सालों तक आय-व्यय पत्रक की धारणा बनी रही है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इसमें बड़ा बदलाव आया है। केंद्रीय बजट अब आंकड़ों का मायाजाल नहीं होकर वास्तविक रूप से देश की अर्थव्यवस्था का पत्रक बन रहा है। बजट देश का रोडमैप होता है। मोदी जी के नेतृत्व में इस साल का बजट विकसित भारत की संकल्पना पूरा करने का आधार बना है, जिससे हर वर्ग का देश के विकास में योगदान सुनिश्चित होगा। ‘अमेरिका से ट्रेड डील के बाद बढ़ा मान’ काश्यप ने कहा कि अमेरिका से ट्रेड डील के बाद दुनिया में भारत का मान बढ़ा है। मोदी जी देश के पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने भारत के लिए विकासशील से विकसित होने की दिशा निश्चित की है। किसी भी देश के विकसित होने का पहला मापदंड गरीबी से मुक्त होना होता है और इस दिशा में भारत लगातार आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हर क्षेत्र में प्रदेश तेज गति से आगे बढ़ रहा है। ये रहे मौजूद कार्यक्रम की शुरुआत में जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय ने स्वागत भाषण दिया। इस दौरान महापौर प्रहलाद पटेल, विधानसभा संयोजक मनोहर पोरवाल, पूर्व महापौर शैलेंद्र डागा, बजट टोली जिला संयोजक एवं महामंत्री जयवंत कोठारी, व्यापारी प्रकोष्ठ जिला संयोजक रजनीश गोयल, व्यवसायिक प्रकोष्ठ संयोजक सीए रजनीश जैन और जिला मीडिया प्रभारी अरुण त्रिपाठी मौजूद रहे। संचालन जयवंत कोठारी ने किया और आभार रजनीश गोयल ने माना।


