विदिशा में प्रस्तावित डी-मार्ट स्टोर और मल्टीनेशनल कंपनियों के विरोध में व्यापारियों का प्रदर्शन रविवार को छठे दिन भी जारी रहा। माधवगंज क्षेत्र में धरने के दौरान व्यापारियों ने डी-मार्ट और बड़ी कंपनियों की प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। व्यापारियों ने माधवगंज चौराहे से नीमताल चौराहे तक रैली निकाली और नीमताल पर अर्थी का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार किया। धरने में शामिल पूर्व वित्त मंत्री राघवजी भाई ने कहा कि सरकार एक ओर स्वरोजगार को बढ़ावा देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर बड़ी कंपनियों के विस्तार से छोटे व्यापारियों के सामने संकट उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने छोटे व्यापारियों के संरक्षण के लिए प्रभावी नीति बनाने की मांग की। राघवजी ने कहा कि यदि विरोध मजबूत होता है, तो किसी भी स्तर पर बदलाव संभव है। माधवगंज से नीमताल तक रैली रविवार को बड़ी संख्या में व्यापारी माधवगंज चौराहे पर एकत्र हुए। यहां से उन्होंने विरोध रैली निकाली, जिसमें कंपनियों की प्रतीकात्मक अर्थी शामिल थी। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने जमकर नारेबाजी की और सरकार से छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा की मांग की। प्रदर्शन में व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी और स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। छोटे व्यापारियों का अस्तित्व खतरे में व्यापारियों का कहना है कि बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियां और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म स्थानीय बाजार तथा छोटे व्यापारियों के रोजगार के लिए चुनौती बन रहे हैं। यदि इस पर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया, तो छोटे व्यवसाय पूरी तरह समाप्त हो सकते हैं। वक्ताओं ने जोर दिया कि देश की बड़ी आबादी छोटे व्यवसायों के माध्यम से अपना जीवन यापन करती है, इसलिए उनकी अनदेखी करना उचित नहीं है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


