विदिशा जिले के बामौरी शाला में सिरोंज मार्ग पर रविवार शाम दो तेज रफ्तार बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। हादसे में 5 युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अशोकनगर जिले के बहादुरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दो युवकों को मृत घोषित कर दिया। वहीं, तीन गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। मृतकों की पहचान लिधौरा सिरोंज निवासी गोलू विश्वकर्मा (30 वर्ष) और केशलोन अशोकनगर निवासी जितेंद्र अहिरवार (25 वर्ष) के रूप में हुई है। वहीं, घासीराम, फूल सिंह और राजधर नामक तीन अन्य युवकों की हालत गंभीर है। इन युवकों के आने-जाने के संबंध में तत्काल कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। गोद में उठाकर अस्पताल ले गए लोग इस दर्दनाक हादसे में स्वास्थ्य विभाग की बदहाल व्यवस्थाएं और स्टाफ की लापरवाही भी उजागर हुई। अस्पताल में घायलों को ले जाने के लिए स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं था। मौके पर मौजूद भीड़ ने युवकों को उठाकर अस्पताल के अंदर पहुंचाया। जमीन और कुर्सी पर पड़े रहे शव अस्पताल में अव्यवस्था का आलम यह था कि एक मृत युवक को जमीन पर और दूसरे को कुर्सी पर लिटाया गया। तीन घायल युवकों में से एक को ओपीडी की मेज पर जगह मिली, जबकि अन्य दो को गैलरी में पड़े पलंगों पर लिटाया गया। डॉक्टर ने लोगों से साफ करवाए घाव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन चिकित्सकों सहित अन्य स्टाफ तैनात है, लेकिन घटना के समय डॉक्टर शिवम यादव और सफाईकर्मी धर्मेंद्र वाल्मीकि को छोड़कर कोई भी मौजूद नहीं था। एक साथ पांच गंभीर घायल युवकों के पहुंचने पर डॉक्टर के पास कोई विकल्प नहीं था। उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों की सहायता से घायलों के घाव साफ करवाए और प्राथमिक उपचार दिया। एंबुलेंस नहीं मिली, बाइक से ले गए जिला अस्पताल जब दो युवकों की मौत हो गई और शेष तीन को जिला अस्पताल रेफर किया गया, तो एंबुलेंस उपलब्ध नहीं थीं। इसके बाद दो घायलों के परिजन उन्हें किराए की कार से जिला अस्पताल ले गए, जबकि एक घायल को उसके परिजन 45 किलोमीटर दूर तक मोटरसाइकिल से ले जाने को मजबूर हुए।


