भास्कर न्यूज | गिरिडीह अधिवक्ता संघ के संयुक्त सचिव से उलझने वाले किराएदार के खिलाफ अधिवक्ता संघ ने सख्ती दिखाई और कोर्ट रोड स्थित दुकान में ताला जड़ दिया। दुकान अधिवक्ता संघ की है, जो किराए पर है। लेकिन किराएदार ने किसी अन्य को किराए पर दे दिया है और नियमित रूप से किराया भी नहीं दे रहा था। इसे लेकर जब दुकानदार से संघ के सदस्य शनिवार को बात करने गए थे तो वे उलझ गए। इसकी जानकारी संघ के महासचिव चुन्नुकांत को हुई तो एसोसिएशन ने मामले को गंभीरता से लिया और सोमवार को दुकान में ताला जड़ दिया। इस बारे में बार एसोसिएशन के महासचिव चुन्नूकांत ने कहा कि एक व्यक्ति को भाड़े के तौर पर दुकान चलाने के लिए दिया गया था। अब इस कमरे की एसोसिएशन को जरूरत है। ताकि अधिवक्ताओं के लिए उपयोग में लाया जाए। इसे खाली करने को भी कहा जा रहा था। जिसे दुकान दिया गया था, उनकी मृत्यु हो गई है और किसी अन्य को दुकान भाड़े पर दे दिया गया है। वे लोग बैठ कर बात करने के लिए तैयार हैं। जो दुकान अभी चला रहे हैं, वह स्वेच्छा से दुकान को दे दें। कई कई वर्षों से भाड़ा भी नहीं दिया गया है। किराए की दुकान अन्य को किराए पर देना गलत: संयुक्त सचिव वहीं अधिवक्ता संघ के संयुक्त सचिव शुभोनील सामंता ने कहा कि कि वे शनिवार को दुकान गए तो देखा कि वहां फर्नीचर का काम चल रहा था। पूछा तो उनसे फोन पर परिमिंदर सिंह ने स्वयं को दुकान का मालिक बताया और फोन पर ही उल्टी-सीधी बातें कही, जो उचित नहीं था। उसके पास काफी दिनों से किराया बाकी है, साथ ही किसी अन्य को किराए पर दुकान दे दिया है जो नियमानुसार गलत है। मौके पर अधिवक्ता संघ के संयुक्त सचिव सुभोनील समानता, विशाल आनंद, अमित कुमार, अभय कुमार सुमित समेत कई अधिवक्ता व संघ के सदस्य मौजूद थे।


