श्री राम पार्क स्थित श्री राम शरणम् के साप्ताहिक सत्संग में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए संत अश्वनी बेदी ने परम पूज्य स्वामी सत्यानंद महाराज की अमृतवाणी का सार प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राम नाम मात्र एक शब्द नहीं, बल्कि एक अपार आध्यात्मिक शक्ति है जो मानव के जीवन जीने के दृष्टिकोण को पूरी तरह बदल देती है। संत बेदी ने साधना के तीन मुख्य सोपानों जाप, सिमरन और ध्यान की विस्तृत व्याख्या की। उन्होंने बताया कि जाप साधना की पहली सीढ़ी है। वाणी से किया जाने वाला वैखरी, होंठों से उपांशु और अंतर्मन से किया जाने वाला मानसिक जाप शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। सिमरन को एक गहरा भाव बताते हुए उन्होंने कहा कि संसार के कार्यों को करते हुए भी परमात्मा की उपस्थिति का अनुभव करना ही वास्तविक सिमरन है, जिससे अहंकार का नाश होता है। सत्संग के दौरान संत जी ने राम नाम को तारक मंत्र बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज के तनावपूर्ण युग में मानसिक शांति का एकमात्र उपाय राम नाम की शरण है। यह नाम वह अग्नि है जो साधक के संचित पापों को भस्म कर उसे मोक्ष के द्वार तक ले जाती है। इस भक्तिमयी सभा में मुख्य रूप से मां रेखा बेदी, आशिमा बेदी, रमणीक बेदी, संयम भल्ला, राजन कपूर, रामेश्वर गुप्ता, सुदर्शन जैन, मंजू गुप्ता, शशि भल्ला, गुलाब राये, वरिंदर जैन, शशि गुप्ता, किरण खरबंदा और शुचिता दुग्गल सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


