बच्चों का पोषण व पढ़ाई विषय पर 3 दिवसीय प्रशिक्षण शुरू, तीन प्रखंड की 108 सेविकाएं हुईं शामिल

भास्कर न्यूज| तिसरी तिसरी स्थित बरनवाल धर्मशाला में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के पहले ​दिन सोमवार को पोषण के साथ पढ़ाई विषय पर आंगनबाड़ी सेविकाओं को प्रशिक्षण िदया गया। िजसमें िजले के गावां, तिसरी और देवरी प्रखंड की 108 सेविकाएं शामिल हुईं। शिविर की अध्यक्षता करते हुए तिसरी प्रखंड की आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिका सोशण मरांडी ने कहा िक पोषण भी, पढ़ाई भी केंद्र सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है। यह कार्यक्रम देश भर के आंगनबाड़ी केन्द्रों में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा पर केंद्रित है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत इसकी परिकल्पना की गई है। कार्यक्रम का मकसद, बच्चों की पूर्ण क्षमता का विकास करना और उन्हें सर्वांगीण विकास के लिए तैयार करना है। इसके लिए बच्चों को पोषण संबंधी सही आदतें अपनाने में मदद की जाती है। उन्हें स्वच्छता और स्वयं सहायता कौशल भी सिखाई जाती है। बगोदर प्रखंड की पर्यवेक्षिका सह प्रशिक्षिका इंदु कुमारी ने कहा कि कार्यक्रम के तहत बच्चों को प्रभावी ढंग से संवाद करने में सक्षम बनाया जाता है। बच्चों की बौद्धिक जिज्ञासा को बढ़ावा देने के लिए उन्हें अन्वेषण, जांच और प्रयोग के अवसर दिए जाते हैं। बच्चों में सामाजिक कौशल, सामाजिक क्षमता और भावनात्मक कल्याण विकसित किया जाता है। बच्चों में सौंदर्यबोध की भावना विकसित की जाती है और रचनात्मक शिक्षण प्रक्रियाओं को प्रोत्साहित किया जाता है। बच्चों को घर से केंद्र और फिर औपचारिक स्कूली शिक्षा की ओर ले जाने में मदद की जाती है। इस मौके पर प्रशिक्षिका विनिता कुमारी, शीतल कुमारी, सेविका प्रेमी टुडू, पत्रसिया मुर्मू, प्रमिला हेंब्रम, बिमला मरांडी, संजू कुमारी, उर्मिला देवी, उषा देवी, स्नेहलता हेंब्रम, पुष्पा कुमारी, अनुराधा कुमारी, नमिता देवी, रेखा शर्मा, क्यारा हांसदा, नीता टुडू समेत 108 सेविकाएं शामिल थीं। भास्कर न्यूज | गिरिडीह पोषण भी, पढ़ाई भी योजना के तहत सोमवार को होटल श्याम सरोवर में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बाल विकास परियोजना पदाधिकारी सुशाना करकेट्टा ने नवचेतना पाठ्‌यक्रम की जानकारी दी। कहा कि जन्म से 3 वर्ष के लिए बच्चों को लिए पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। जिसे 3 से 6 बर्ष के बच्चों के लिए बनाया गया है। जिसमें प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्‌यक्रम 2024 में बच्चों के लिए कैलेंडर तैयार किया गया है। मास्टर ट्रेनर्स-सह-महिला पर्यवेक्षक किरण प्रसाद ने कहा कि नवचेतना पाठ्‌यक्रम में प्रारंभिक बाल्यावस्था उत्प्रेरण के लिए राष्ट्रीय रूपरेखा 2024 जन्म से 3 वर्ष तक के बच्चों के लिए है। इसी पाठ्यक्रम पर बच्चों को शिक्षा दी जानी है। जिला परियोजना सहायक अनुज कुमार वर्मा ने कहा कि इसमें 3 से 6 वर्ष के बच्चो के सर्वांगीण विकास, संज्ञानात्मक विकास, भौतिक विकास, रचनात्मक विकास और सौंदर्य विकास, भाषा एवं साक्षरता विकास आदि शामिल है। निरूपा सिन्हा, सुचिता वीणा सोरेन, मास्टर ट्रेनर्स-सह-महिला पर्यवेक्षिका ने भी प्रशिक्षण दिया । यह प्रशिक्षण लगातार तीन दिनों तक चलेगा। जिसमें जमुआ, धनवार की कुल-70 सेविकाओं ने भाग लिया।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *