भास्कर न्यूज|डुमरी डुमरी प्रखंड अंतर्गत डुमरी पंचायत क्षेत्र में रबी फसल की खेती को सुरक्षित रखने और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने को लेकर पंचायत के पांच गांवों के ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक रविवार को डुमरी में हुई। अध्यक्षता प्रेम प्रकाश उरांव ने की। बैठक में रबी फसल के उत्पादन में वृद्धि, ग्रामीणों के लिए अतिरिक्त आय के साधन, तथा आवारा पशुओं से फसलों को हो रहे नुकसान जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में शामिल ग्रामीण बीरेंद्र भगत, सुधीर उरांव,मदन भगत, जयचंद भगत, सरजू तिर्की, केश्वर कुम्हार और अनिल भगत, हेमंत भगत, रामकृपा भगत अमूल भगत,बिलफ्रेड टोप्पो सहित अन्य किसानों ने बताया कि रबी फसल इस क्षेत्र के किसानों की आय का प्रमुख आधार है। बेहतर उत्पादन के माध्यम से न केवल किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सकती है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है। इस दौरान उन्नत बीजों के उपयोग, समय पर सिंचाई, संतुलित खाद और आधुनिक खेती पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया गया। ग्रामीणों ने कहा कि बीते कुछ समय से आवारा पशुओं की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। खुले में छोड़े गए पशु रात के समय खेतों में घुसकर खड़ी और तैयार फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है। कई किसानों ने बताया कि दिन-रात मेहनत करने के बावजूद फसल सुरक्षित नहीं रह पा रही है। बैठक में पशुपालकों से अपील की गई कि वे अपने पशुओं को नियंत्रित रखें और खुले में न छोड़ें। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि यदि पशुपालकों द्वारा लापरवाही बरती जाती है और फसलों को नुकसान होता है, तो मजबूरन पंचायत स्तर से लेकर प्रखंड प्रशासन तक शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की जाएगी। साथ ही बकरी, गाय बैल, भैंस सहित अन्य प्रति जानवरों पर 5 सौ रुपया का दंड निर्धारित किया गया। इसके साथ ही बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि फसल सुरक्षा के लिए गांव स्तर पर निगरानी व्यवस्था, सामूहिक पहरेदारी तथा आपसी सहयोग से ठोस कदम उठाए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर पंचायत प्रतिनिधियों, कृषि विभाग और प्रखंड प्रशासन से सहयोग लेने पर भी सहमति बनी। साथ ही किसानों के हितों की रक्षा और रवि फसल को सुरक्षित रखने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया गया। मौके पर डुमरी, पतराटोली, बेलटोली, टांगरडीह, बासाटोली, जिलिंगटोली, टंगराटोली के सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।


