नागपुर में भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ के 19वें त्रैवार्षिक अधिवेशन में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि देश में अगले 50 साल तक कोयले पर निर्भरता रहेगी। कोयला क्षेत्र में कार्यरत सभी श्रेणी के मजदूरों का सरकार बीमा कराएगी। जबकि देश के किसी भी पीएसयू में मजदूरों के बीमा का प्रावधान नहीं है। उन्होंने कोयला कर्मियों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए कई लाभकारी योजनाओं की घोषणा की। कहा, कोयला उत्पादन में कर्मियों की सुरक्षा प्राथमिकता है। देश के कई अन्य सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल कोल इंडिया की इंपैनल सूची में सम्मिलित किए जा रहे हैं। सभी मजदूरों को यूनिफॉर्म देकर कार्यस्थल पर ड्रेस कोड लागू कराया जाएगा। सेवानिवृत्त कोल कर्मियों और ठेका मजदूरों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी। कोयला मंत्री ने सीएमपीएफ में हुए घोटाले की जांच कराते हुए पैसे वसूलने की बात कही। कहा कि मजदूरों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाते हुए वैधानिक पदों को भरा जाएगा। कोयला खनन के लिए रैयतों से ली गई जमीन के बदले उचित मुआवजा के साथ पुनर्वास कराकर उत्खनित जमीन को पर्यावरण के अनुकूल विकसित किया जाएगा। अधिवेशन को सुरेंद्र पांडेय, के लक्षमणा रेड्डी समेत कई अन्य लोगों ने संबोधित किया। जबकि डीसीकेएस से अध्यक्ष मुरारी तांती, उपाध्यक्ष अयोध्या मिश्रा के साथ एबीकेएसएस के महामंत्री उमेश कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष राघवेंद्र पांडेय, संगठन मंत्री केके सिंह, ओम सिंह, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुशील कुमार सिंह व अन्य शामिल हुए। संजय चौधरी बने अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ के अध्यक्ष : सीसीएल रांची के संजय कुमार चौधरी अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ के अध्यक्ष चुने गए हैं। नागपुर में आयोजित अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ के अधिवेशन में संघ की नई कमेटी गठित की गई है। उनके अलावा तालचेर के रंजन बेहरा कार्यकारी अध्यक्ष अंगद उपाध्याय और वर्षा पलक उपाध्यक्ष चुने गए हैं। सुजीत सिंह महामंत्री आशीष मूर्ति उप महामंत्री और सिंगरेनी के माधव नायक बीसीसीएल के कृष्ण कुमार सिंह और सुष्मिता पटेल सचिन चुनी गई है। अशोक कुमार मिश्रा संगठन मंत्री जयंत वासुतुले कोषाध्यक्ष चुने गए हैं। इनके अलावा 31 पंजीकृत यूनियन के महामंत्री पदेन सदस्य होंगे। देश की 140 माइंस को ईको-फ्रेंडली बनाया जाएगा केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री ने कहा कि कोयला उत्पादन के क्षेत्र में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर है। कोयला कर्मियों के बल पर एक बिलियन टन के लक्ष्य की आेर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। कहा कि कोयले के आयात में कमी लाने के लिए देश में उत्पादन बढ़ाना है। कोलियरी क्षेत्र में पर्यावरण की सुरक्षा के लिए देश के 145 खदानों को माइन क्लोजर प्रोग्राम के तहत लिया गया है। इसमें 140 माइंस को ग्रीनरी और इको फ्रेंडली माइंस बनाने का काम अगले तीन साल में पूरा करना है। मजदूर एवं राष्ट्रहित में काम करने के लिए मंत्री ने अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ की सराहना की।


