रामगढ़ जिले के वेस्ट बोकारो ओपी क्षेत्र में एक सड़क हादसे में व्यक्ति की मौत के बाद ग्रामीण उग्र हो गए हैं। ग्रामीणों ने मृतक के शव को सड़क पर रखकर मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन के कारण सड़क जाम लग गया, इससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यह घटना रविवार देर रात नया मोड़ घाटों मार्ग, सारूबेड़ा के समीप हुई। सारूबेड़ा निवासी 48 वर्षीय छेदी सेठ अपने घर लौट रहे थे, तभी उनकी बाइक सड़क पर खड़े एक कोयला लदे ट्रेलर से टकरा गई। इस हादसे में छेदी सेठ की मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि यह ट्रेलर पिछले चार दिनों से खराब होकर सड़क पर खड़ा था और इसके आसपास कोई बेरिकेटिंग नहीं की गई थी। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों और मृतक की बेटी सुमन कुमारी ने आरोप लगाया कि यह हादसा पुलिस की लापरवाही के कारण हुआ है। उनका कहना है कि यदि खराब ट्रेलर को समय रहते सड़क से हटा दिया जाता या वहां उचित बेरिकेटिंग की जाती तो यह दुर्घटना नहीं होती। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक उन्हें उचित मुआवजा और परिवार के सदस्य को नौकरी नहीं मिल जाती, तब तक वे शव को सड़क से नहीं हटाएंगे। छेदी सेठ अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे और उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं। सड़क जाम पिछले चार घंटे से अधिक समय से जारी है, जिससे घाटों-कुजू मार्ग पर लगभग तीन किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं।


