राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार से गुरुवार को आदिवासी छात्र संघ का प्रतिनिधिमंडल िमला। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे केंद्रीय अध्यक्ष सुशील उरांव ने जनजातीय भाषाओं की समस्याओं पर राज्यपाल का ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने कहा कि उपेक्षा के चलते कुड़ूख, संथाली, मुंडारी, हो और खड़िया भाषा विलुप्त हो रही है, इसलिए क्लास रूम, लाईब्रेरी, म्यूजियम की व्यवस्था की जाए। यूजीसी रेगुलेशन के अनुसार शिक्षकों और स्टाफ की नियुक्ति में सरकार की पॉलिसी के तहत 26 प्रतिशत आरक्षण, सिलेबस में जनजातीय भाषा लिपि का एक पेपर अनिवार्य किया जाए। प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय मीडिया प्रभारी सुमित उरांव, अध्यक्ष मनोज उरांव, राजू कुमार उरांव व विवेक तिर्की आदि शामिल थे।


