राजगढ़ जिले के गोघटपुर गांव में जिस घर से अवैध ड्रग्स फैक्ट्री का खुलासा हुआ था, उसका संचालक रघुनंदन पाटीदार अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। कार्रवाई को पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उसका कोई ठोस सुराग सामने नहीं आ सका है। इसी बीच माचलपुर थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों से ड्रग्स बनाने वाले केमिकल और सामग्री की बड़ी बरामदगी सामने आई है। दोनों मामलों को मिलाकर अब तक करीब 9 करोड़ रुपए का केमिकल जब्त किया जा चुका है। सूत्रों के अनुसार लंबे समय से चल रही थी फैक्ट्री मामले से जुड़े सूत्र बताते हैं कि रघुनंदन पाटीदार के घर में संचालित ड्रग्स फैक्ट्री हाल ही में शुरू नहीं हुई थी। यहां काफी समय से केमिकल की आपूर्ति और प्रोसेसिंग का काम चल रहा था। गांव के भीतर एक रिहायशी क्षेत्र में इस तरह की गतिविधि का लंबे समय तक जारी रहना यह संकेत देता है कि पूरा नेटवर्क बेहद सतर्कता और योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहा था। इसी बिंदु पर यह तथ्य भी चर्चा में है कि स्थानीय स्तर पर इतनी बड़ी गतिविधि के बावजूद माचलपुर थाने की पुलिस और सूचना तंत्र तक इसकी जानकारी नहीं पहुंच पाई, जबकि फैक्ट्री एक रिहायशी इलाके में संचालित हो रही थी। पहली कार्रवाई: घर के भीतर मिला पूरा सेटअप चार फरवरी की रात राजस्थान और राजगढ़ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में माचलपुर थाना क्षेत्र के गोघटपुर गांव में रघुनंदन पाटीदार के घर से अवैध ड्रग्स फैक्ट्री पकड़ी गई थी। मौके से ड्रग्स निर्माण में इस्तेमाल होने वाले केमिकल, मशीनें, उपकरण और अन्य सामग्री जब्त की गई, जिनकी कीमत करीब 4 करोड़ रुपए आंकी गई।
कार्रवाई की भनक लगते ही फैक्ट्री संचालक रघु नन्दन पाटीदार मौके से निकल गया । बताया जाता है कि उसने अपनी कार वहीं छोड़ दी और फरार हो गया। दूसरी बरामदगी: जंगल में फेंका गया केमिकल फैक्ट्री पर कार्रवाई के चार दिन बाद, 8 फरवरी की रात माचलपुर पुलिस को आदमपुरा के जंगल क्षेत्र में खेत की खंती से नीले रंग के पांच ड्रम बरामद हुए। इनमें 266.9 किलो एमडी (ड्रग्स) बनाने वाला क्रिस्टल जैसा केमिकल पाउडर भरा हुआ था, जिसकी कीमत करीब 5 करोड़ रुपए बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह केमिकल चार पहिया वाहन से लाकर यहां छोड़ा गया, ताकि इसे किसी सुरक्षित ठिकाने से हटाया जा सके। दो जगह की बरामदगी लेकिन नेटवर्क एक गोघटपुर गांव और आदमपुरा जंगल—दोनों जगहों से मिली सामग्री में केमिकल की प्रकृति,
पैकिंग और भंडारण के तरीकों में समानता पाई गई है। इसी आधार पर पुलिस दोनों मामलों को एक ही ड्रग्स नेटवर्क से जोड़कर जांच कर रही है। लगातार हो रही बरामदगियों से यह साफ होता जा रहा है कि माचलपुर क्षेत्र में ड्रग्स निर्माण और केमिकल सप्लाई का काम किसी एक दिन या एक ठिकाने तक सीमित नहीं था। पांच दिन के भीतर दो बड़ी कार्रवाइयों और करोड़ों के केमिकल की बरामदगी के बावजूद फैक्ट्री संचालक रघुनंदन पाटीदार अब तक पुलिस के हाथ नहीं लग पाया है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों और तकनीकी इनपुट के आधार पर प्रयास कर रही है, लेकिन फिलहाल फरारी पूरे मामले का सबसे अहम पहलू बनी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों मामलों की कड़ियां जोड़कर पूरे नेटवर्क की तस्वीर तैयार की जा रही है। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, ड्रग सप्लाई, केमिकल रूट और इससे जुड़े अन्य नाम भी सामने आ सकते हैं। इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… राजगढ़ में 5 करोड़ का केमिकल मिला राजगढ़ जिले के घोघटपुर गांव में ड्रग फैक्ट्री के भंडाफोड़ के चार दिन बाद माचलपुर थाना क्षेत्र में एक बार फिर ड्रग नेटवर्क की बड़ी कड़ी सामने आई है। शनिवार देर रात आदमपुरा के जंगल में खेत की खंती से करीब 5 करोड़ रुपए कीमत का ड्रग बनाने वाला केमिकल पाउडर बरामद किया गया। पूरी खबर पढ़े…


