7 महिलाओं ने 14 किमी. साइकिल चला फिटनेस का संदेश दिया

भास्कर न्यूज|लुधियाना वैलेंटाइन-डे हर साल एक खास दिन बनकर आता है, लेकिन इस बार लुधियाना में कुछ महिलाओं ने इस दिन को एक अलग अंदाज में मनाया। जहां ज्यादातर लोग अपने पार्टनर के साथ दिन बिताने की योजना बनाते हैं, वहीं कुछ महिलाओं के लिए प्यार का मतलब सिर्फ अपने शौक और फिटनेस से भी है। इन महिलाओं ने वैलेंटाइन डे पर एक अनोखी साइकिलिंग यात्रा की, जो न सिर्फ उनके प्यार को सेलिब्रेट करने का तरीका था, बल्कि यह पर्यावरण और सेहत के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक भी बन गया।लुधियाना की सात महिलाएं, बाइक बॉडीस ग्रुप जो पिछले 15 सालों से एक-दूसरे के साथ साइकिलिंग करती आ रही हैं, ने इस बार वैलेंटाइन डे पर 14 किलोमीटर की साइकिलिंग यात्रा की। उनका रूट फ्लाई साहिब के पास से होकर गुजरता था, जहां उन्होंने दिन की शुरुआत ताजगी और ऊर्जा से की। इन महिलाओं का कहना है कि उनका प्यार सिर्फ इंसान से नहीं, बल्कि उनकी साइकिल से भी है। आकांशा दोशी ने इस अनोखी साइकिलिंग यात्रा के बारे में कहा कि प्यार किसी भी रूप में हो सकता है, हम सभी दोस्तों को साइकिलिंग से बहुत प्यार है। जब भी हमें घूमने का मन होता है, तो हम सभी साइकिल पर ही निकल पड़ती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि साइकिल चलाने से न केवल शारीरिक फिटनेस मिलती है, बल्कि यह बीमारियों से भी बचाव करता है और शरीर को एक्टिव बनाए रखता है। श्वेता और रितु ने बताया कि साइकिलिंग के दौरान वह सिर्फ अपने शारीरिक स्वास्थ्य को ही नहीं सुधारतीं, बल्कि पर्यावरण का भी भरपूर आनंद लेती हैं। जब हम साइकिल चलाते हैं, तो ताजगी से भरी ठंडी हवा और पक्षियों की आवाजें हमें शांति और ऊर्जा का अहसास कराती हैं। उन्होंने यह भी साझा किया कि खेतों में जाते वक्त पंजाब की मिट्टी की खुशबू और सरसों के फूलों के दृश्य ने उनकी यात्रा को और भी रोमांचक बना दिया। इस दौरान उन्होंने खूब सारी सेल्फी भी ली, जो इस दिन को और भी खास बना गई। पर्यावरण बचाने के लिए किया प्रेरित – महिलाओं के लिए प्रेरणा मनप्रीत कौर, शिखा और रुपाली ने इस बात पर जोर दिया कि साइकिलिंग महिलाओं के लिए एक बेहतरीन फिटनेस गतिविधि हो सकती है। उन्होंने कहा कि हम सभी महिलाएं रोजाना साइकिल चलाने का प्रयास करती हैं, और यह हमें शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाता है। हम अब तक मत्तेवाड़ा के जंगल, माछीवाड़ा के जंगल, फिलौर, जगराओं और साहनेवाल तक साइकिल से जा चुकी हैं। साइकिलिंग से न सिर्फ फिटनेस में सुधार होता है, बल्कि यह महिलाओं को अपनी स्वतंत्रता और आत्मविश्वास को भी महसूस कराता है। उन्होंने अन्य महिलाओं से भी यह अपील की कि वह अपनी सेहत के लिए साइकिलिंग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।

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