बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत हो चुकी है। साथ ही एग्जाम से संबंधित बच्चों का स्ट्रेस, चिंता, डर भी बढ़ रहा है। सीआईएससीई बोर्ड के एग्जाम वीरवार से शुरू हो चुके हैं। सीबीएसई की परीक्षाएं 15 से, पीएसईबी के एग्जाम 19 से शुरू हो जाएंगे। पहली बार बोर्ड एग्जाम में अपीयर हो रहे स्टूडेंट्स अधूरी तैयारी, एंग्जाइटी, स्ट्रेस और सिलेबस के कारण तनाव में हैं। इस तनाव को कम करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। जिला प्रशासन ने 24 घंटे चलने वाली मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन आसमां 96464-70777 शुरू की है। इस बार एक बदलाव भी देखने को मिल रहा है। ये हेल्पलाइन स्टूडेंट्स के तनाव को कम करने और गाइडेंस के लिए है लेकिन इस पर पैरेंट्स भी संपर्क कर रहे हैं। पैरेंट्स पूछ रहे हैं कि आखिर हमें बताएं कि हम बोर्ड एग्जाम में बच्चों को स्ट्रेस फ्री रखने के लिए क्या तरीके अपना सकते हैं। एग्जाम को आम दिनों की तरह ही मानें पहली बार दसवीं बोर्ड का एग्जाम दे रहा स्टूडेंट बहुत ज्यादा सिलेबस के कारण चिंतित केस-1: दसवीं के स्टूडेंट को एग्जाम के लिए सिलेबस ज्यादा लग रहा था। जिस पर उसे एंग्जाइटी की समस्या हुई। हेल्पलाइन पर संपर्क किया। पहले तो एक्सपर्ट द्वारा उसे परीक्षा और सिलेबस से न घबराने की बात कही गई। उसके बाद उसे ब्रीदिंग एक्सरसाइज, तैयारी के लिए शेड्यूल, जरुरी सवालों को पढ़ने की सलाह दी गई।’ केस-2: बेटी ले रही टेंशन, हमें बताएं हम क्या करें ‘दसवीं में पढ़ रही स्टूडेंट परीक्षा में अपीयर होने के बाद उसके नतीजे को लेकर चिंता में है। तनाव के कारण सही ढंग से सो भी नहीं पा रही और पढ़ भी नहीं पा रही। ऐसे में आप हमें बताएं कि हम क्या करें जिससे कि उसकी स्ट्रेस कम हो। इस पर माहिरों द्वारा बच्चे के साथ क्वालिटी टाइम, पॉजिटिव बातें कहने, एग्जाम को एक रुटीन की तरह समझने और नतीजे से न घबराने की बातों के बारे में बताया गया। साथ ही उन्हें ब्रीदिंग एक्सरसाइज, मोटिवेशनल टॉक और एक सपोर्ट की तरह बच्चों के साथ रहने के लिए बताया गया।’ केस-3: बच्चे की मेंटल हेल्थ कैसे सही करें ‘बारहवीं में पढ़ रहा बेटा बोर्ड और कंपीटिटिव एग्जाम के लिए स्ट्रेस ले रहा है और इससे उसकी मेंटल हेल्थ भी प्रभावित हो रही है। उसे सही करने के लिए हमें सुझाव दें और हम अपने विचारों में कैसे बदलाव करें इसका भी सुझाव दें। जिस पर एक्सपर्ट द्वारा बेटे की डाइट, ब्रेक टाइम, लगातार बैठ कर पढ़ने के बजाए ब्रेक लेते रहने, दिन में आउटडोर एक्टिविटी भी करने का सुझाव दिया गया। घर के माहौल को बोर्ड एग्जाम के डर के बजाए रिलेक्स और पॉजिटिव रखने का सुझाव दिया गया।’


