सीहोर पुलिस ने जावर थाना क्षेत्र में हुए एक अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को पंजाब से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक दीपक शुक्ला के निर्देश पर की गई। यह मामला 6 अक्टूबर को सामने आया था, जब आष्टा के बड़ा बाजार निवासी रवि वर्मा ने जावर थाना क्षेत्र के हकीमपुर खोयरा में इंडियन पेट्रोल पंप के पीछे एक खाली मकान के पास अज्ञात शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी थी। सूचना पर जावर थाने में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। डीएनए रिपोर्ट से हुई थी शव की पुष्टि जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के लोगों से पूछताछ की। हार्वेस्टर एजेंट अनिल ठाकुर निवासी खड़ी ने मृतक की शर्ट के आधार पर उसकी पहचान हार्वेस्टर चालक मिट्टू सिंह के रूप में की। पहचान की पुष्टि के लिए मृतक के परिजनों का डीएनए परीक्षण कराया गया, जिसकी रिपोर्ट मैच हो गई। आखिरी बार दो साथियों के साथ देखा गया था मृतक पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक को आखिरी बार हकीमपुर खोयरा स्थित इंडियन पेट्रोल पंप के पास उसके दो साथियों के साथ देखा गया था। मृतक के परिजनों ने इन दोनों की पहचान दिलप्रीत उर्फ दिलबर (पिता कुलदीप) और उसके हेल्पर परमजीत उर्फ पम्मा (पिता फौजा सिंह, निवासी करिकलां गांव, फिरोजपुर, पंजाब) के रूप में की। दोनों 17 सितंबर से फरार थे। प्रथम दृष्टया मामला हत्या का पाए जाने पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम गठित की गई। पंजाब से आरोपी गिरफ्तार विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को पंजाब से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने आपसी रंजिश, मनमुटाव और अत्यधिक नशे की लत के चलते हत्या करना स्वीकार किया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त हथियार और हार्वेस्टर मशीन को जब्त कर लिया है। आरोपियों को वैधानिक कार्यवाही के बाद न्यायालय में पेश किया जा रहा है।


