भास्कर न्यूज | बालोद इस साल बोर्ड परीक्षा दिलाने वाले 10वीं व 12वीं के 105 छात्र-छात्राओं को 10 अंक बोनस मिलेगा। दरअसल निरक्षरों को साक्षर करने वालों को शासन स्तर से बोनस अंक देने शिक्षा विभाग के अफसरों को निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग के एपीसी आरएस साहू ने बताया कि ब्लॉकवार कहां से कितने छात्र-छात्रा को बोनस अंक मिलेगा, इसकी जानकारी संबंधितों से मंगाए हैं। पढ़ाने के लिए 150 से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने ऑनलाइन आवेदन किया था। इनमें से 105 छात्र-छात्राएं केंद्र में जाकर निरक्षरों को पढ़ाई करवा रहे हैं। मार्च में बोर्ड परीक्षा प्रस्तावित है। जिले में 74.16% लोग साक्षर हैं। पुरुष साक्षरता दर 89.52% और महिला साक्षरता दर 71.28% हैं। 25 हजार निरक्षर लोग जब साक्षर हो जाएंगे, तब साक्षरता दर का ग्राफ और बढ़ जाएगा। पिछले साल लगभग 8 हजार निरक्षरांे को साक्षर करने का लक्ष्य रखे थे। एपीसी के अनुसार दल्लीराजहरा, डौंडीलोहारा, डौंडी सहित अन्य स्थानों में हाईस्कूल में पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राएं समय निकालकर निरक्षरों को साक्षर करने में योगदान दे रहे हैं। साक्षरता के मामले में हमारा जिला वर्तमान मंे प्रदेशभर में दूसरे स्थान पर हैं। एक साल में 25 हजार को साक्षर करने का रखा लक्ष्य जिले के 25 हजार निरक्षरों को एक साल में साक्षर करने का लक्ष्य रखा गया है। जिनकी उम्र 15 साल से ज्यादा है। इसके लिए कक्षा 10वीं व 12वीं के छात्र-छात्राओं की मदद ली जा रही है। निरक्षरों को पढ़ाकर साक्षर करने वाले विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में 10 अंक बोनस मिलेगा। साक्षरता गतिविधियों की मॉनिटरिंग करने वाले शिक्षा विभाग के एपीसी आरएस साहू ने बताया कि 2024-25 मंे जिले के 25 हजार लोगों को साक्षर करने का लक्ष्य रखे हैं। 10वीं व 12वीं के अलावा 8वीं उत्तीर्ण कोई भी निरक्षरों को पढ़ा सकते हैं।


