बिलासपुर| इस्लामिक कैलेंडर का आठवां महीना शाबान शुरू हो चुका है। शाबान के इस माह में रोजा रखना, कुरआन की तिलावत करना और खुदा का जिक्र करना विशेष रूप से अच्छा माना जाता है। गुरुवार को शब-ए-बरात के मौके पर रात भर मस्जिदों में इबादत का सिलसिला चलता रहा। इस दौरान मुस्लिम समुदाय ने अपने पूर्वजों की कब्रों पर जाकर फातिहा पढ़ी और विशेष नमाज अदा की। गुरुवार रात को मस्जिदों में विशेष नमाजों का आयोजन किया गया और रोजा रखने की तैयारी की गई। शुक्रवार को लोग शाबान के महीने का रोजा रखेंगे। इस महीने में रोजा रखने से व्यक्ति खुद को रमजान के रोजे रखने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार कर लेता है।


