बनते-बिगड़ते रिश्तों के इस दौर में निर्मल सेठिया और चित्रा की कहानी प्रेम की नई परिभाषा लिखती है। 80 साल के कारोबारी निर्मल बताते हैं कि 15 साल पहले पत्नी चित्रा दुनिया से विदा हुई तो उसकी यादों को सहेजने की ठानी। चित्रा के नाम पर यूके के कैम्ब्रिज में ऑटिज्म सेंटर और लंदन में चित्रा सेंटर फॉर रोबोटिक मास की शुरुआत की। विक्टोरिया एंड एल्बर्ट म्यूजियम लंदन में चित्रा के नाम पर सेंट्रल कास्ट कोर्ट गैलरी की भी स्थापना की। कुरुक्षेत्र में मंदिर का निर्माण नई दिल्ली में एक मंदिर बनाने के बाद निर्मल सेठिया ने कुरुक्षेत्र में पत्नी चित्रा की याद में तिरुपति मंदिर बनवाया। यह मंदिर वहां बना जहां भीष्म पितामह ने अपनी अंतिम सांस ली थी। ‘ईगोइस्ट’… चित्रा कलेक्शन म्यूजियम में ‘ईगोइस्ट’ नाम की रूबी, डायमंड, गोल्ड जड़ित 25 करोड़ की केतली है। इसे गिनीज बुक में विश्व की सबसे महंगी केतली का दर्जा प्राप्त है। दुर्लभ 3300 चाय की केतलियों का संग्रह सबसे बड़ी उपलिब्ध 6500 करोड़ रुपए वैल्यूएशन का चित्रा कलेक्शन म्यूजियम की स्थापना यूके में की, जिसमें करीब 3300 दुर्लभ चाय की केतलियां और चाय संबंधित बर्तनों का संग्रह है। लंदन म्यूजियम में 5 लाख वर्ग मीटर में 72 लाख ऐतिहासिक आइटम प्रदर्शित हो सकेंगे, जिसमें बहुत बडा फाइनेंशियल सपोर्ट चित्रा के ही नाम पर सेठिया ने दिया है। इस म्यूजियम के संरक्षक किंग चार्ल्स हैं। नोटों में इस्तेमाल सिक्योरिटी इंक बनाते हैं सेठिया राजस्थान के सुजानगढ़ मूल के कारोबारी निर्मल सेठिया नाेटाें में इस्तेमाल की जाने वाली सिक्याेरिटी इंक के निर्माता हैं। इनका विवाह जयपुर रिसायत में सेना में रहे जोरावर सिंह नाथावत की बेटी चित्रा से हुई थी। शादी 18 फरवरी, 1969 को महाराष्ट्र के अमरावती में सम्पन्न हुई। किसी आयोजन में सेठिया की मां ने चित्रा को देखा ओर बेटे के लिए पसंद कर लिया। चित्रा और सेठिया की पहली मुलाकात राजस्थान यूनिवर्सिटी जयपुर में हुई थी।


