कोटा के मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिस्ट में डॉक्टरों ने तीन साल के बच्चे के पेट से एक रुपये का सिक्का बिना सर्जरी के निकाला। बच्चा खेलते खेलते सिक्के को निगल गया था। सांस में तकलीफ होने पर परिजन उसे मेडिकल कॉलेज लेकर आए जहा डॉक्टरों की टीम ने एंडोस्कोपी के ज़रिए मुह के रास्ते से एक रुपये के सिक्के को बाहर निकाला डॉक्टर बी एल मीणा ने बताया कि अच्छी बात रही कि सिक्का गले में अटका नहीं। एक दिन पहले ही बच्चे ने सिक्का निगल लिया था। सिक्का उसके पेट तक पहुंच गया। सिक्का खाने के बाद बच्चे में लक्षण दिखे सांस में तकलीफ होने लगी तो उसे तुरंत अस्पताल लाया गया। यहां एक्सरे में सिक्का पेट में दिखा। यह सिक्का बच्चे के पेट के नाजुक अंगों को नुकसान पहुंचाना शुरू करता, उससे पहले ही इसकी लोकेशन पता की। इसके बाद एनेस्थीसिया विभाग के डॉक्टरों की मदद से बच्चे की बिना सर्जरी करे ही सिक्का निकालने की तैयारी की। एंडोस्कोपी के जरिए पेट में मुंह के रास्ते छोटा उपकरण डाला गया और एक रुपये के सिक्के को बाहर खींच लिया गया। डॉक्टरों ने एक रुपये का सिक्का बिना सर्जरी के निकाला। अब बच्चा स्वस्थ है। मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी में एनेस्थिसिया-गेस्ट्रोएन्ट्रोलॉजिस्ट विभागों के डॉ. संजय कालानी,डॉ. हंसराज चारण,डॉ. बी.एल. मीणा,डॉ. खुश्बू मालव ने आधे घंटे में एंडोस्कोपी की मदद से पेट में फंसा एक रुपये का सिक्का मुंह के रास्ते से निकला।


