तीन दिन पहले बरड़िया क्षेत्र में गोवंश के अवशेष मिलने के मामले में नाराज गोसेवकों ने सोमवार को बारां बंद का आह्वान किया। बंद के दौरान गोसेवक और अन्य संगठनों के लोग प्रताप चौक स्थित पुलिस चौकी के सामने धरना दे रहे थे। इस दौरान पुलिस ने धरना दे रहे गोसेवकों को लाठी भांजकर खदेड़ा और आंसू गैस के गोले दागे। इस दौरान एक किशोर सहित दो जने घायल हो गए। इधर, पुलिस ने इस मामले में 9 लोगों को हिरासत में लिया है। कलेक्टर व एसपी भी मौके पर पहुंचे। कलेक्टर ने लाठीचार्ज से इंकार किया है। कलेक्टर ने जिले में धारा 163 लागू कर दी है। कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर का कहना है कि घटना को लेकर 6 फरवरी को रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी, जिसकी जांच चल रही है। उनका कहना है कि इस मामले को लेकर कुछ लोग उत्तेजित हो गए थे, इस पर उन्हें वहां से हटाया गया, लेकिन लाठीचार्ज नहीं किया गया। गोसेवकों व हिंदू संगठनों ने सोमवार को बारां बंद का आह्वान किया था। इसके तहत गोसेवकों समेत अन्य संगठनों के लोग सुबह से ही प्रताप चौक पर एकत्रित होने लगे। वे यहां पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसके चलते अधिकांश दुकानें सुबह से ही बंद थीं। इसी दौरान गोसेवकों और बारां डीएसपी के बीच बहस भी हो गई। गोसेवकों ने शहर के बाजारों से होकर रैली निकाली और दोपहर 12 बजे फिर से प्रताप चौक पहुंचे और यहां पुलिस चौकी के सामने धरने पर बैठ गए। वे ज्ञापन देने के लिए कलेक्टर को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। तीन घंटे बाद भी कलेक्टर मौके पर नहीं पहुंचे। इसी दौरान पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागकर और लाठी भांजकर भीड़ को खदेड़ना शुरू कर दिया। इस दौरान एक 12 वर्षीय बालक समेत दो जने घायल हो गए। पुलिस ने 9 गोसेवकों को हिरासत में लिया है।


