भास्कर न्यूज | अमृतसर सहकार भारती की ओर से भगतां वाला गेट के पास स्थित शंकराचार्य मंदिर में धर्म सम्मेलन करवाया गया। इसमें सहकारी भारती के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं विभाग प्रमुख राजिंदर सिंह बिष्ट ने कहा कि यह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में जागृति-परिवर्तन की नई शुरुआत है। सम्मेलन के माध्यम से पंच परिवर्तन के मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया गया है, जिसमें स्वदेशी अपनाना, परिवार प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्यों का पालन शामिल है। उन्होंने कहा कि इन मूल्यों को केवल मंच तक सीमित न रखते हुए दैनिक जीवन में उतारना जरूरी है। बिना संस्कार, नहीं सहकार, यही मंत्र समर्थ और सशक्त भारत के निर्माण की नींव बनेगा। उन्होंने पंजाब को नशा मुक्त बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि युवाओं को नशे के अंधकार से निकालकर स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता के मार्ग पर लाना समय की मांग है। इससे ही पंजाब का गौरव दोबारा स्थापित हो सकता है। सहकारिता के महत्व पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सामाजिक एकता को मजबूत कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर समाज का निर्माण ही सहकार भारती का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने गुरु तेग बहादुर जी के आदर्शों का स्मरण करते हुए सभी से जागृति की इस लौ को निरंतर प्रज्वलित रखने का आह्वान किया।


