अंबिकापुर | आर्य वैद्यशाला कोट्टकल (केरल) के बैनर तले डॉ. अक्षरा दुबे ने रविवार को छोटे बच्चों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर उचित उपचार की सलाह दी। बच्चों में सर्दी-खांसी के अलावा उनके वजन और लंबाई में कमी की समस्या मिली। सभी बच्चों का स्वर्ण प्राशन संस्कार किया गया। यह संस्कार 0-16 वर्ष के बच्चों का किया जाता है, ताकि उनमें रोग-प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) के साथ-साथ शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक क्षमता का विकास हो, उनकी याददाश्त तीव्र हो। स्वर्ण-प्राशन बहुत लाभकारी इस मामले में भी होता है कि इसमें स्वर्ण भस्म तो होता ही है, इसमें मेध्य रसायन यथा ब्राह्मी, शंखपुष्पी, वचा, मधु और घी का भी मिश्रण शामिल होता है। शिविर में बच्चों के अभिभावकों और शिक्षिकाओं का भी चिकित्सीय परीक्षण कर उन्हें उचित परामर्श दिया। बाल झड़ने और स्कीन संबंधी समस्या उनमें आम थी। सभी को यथा समय यथोचित उपचार कराने की सलाह दी गई।


