भास्कर वर्ल्ड अपडेट्स:यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की का दावा- रूस ने चेर्नोबिल में परमाणु रिएक्टर पर ड्रोन से हमला किया

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस पर चेर्नोबिल परमाणु रिएक्टर पर ड्रोन हमले का आरोप लगाया है। जेलेंस्की ने बताया कि शुक्रवार को देर रात एक रूसी ड्रोन ने हाई एक्सप्लोसिव वारहेड से चेर्नोबिल परमाणु रिएक्टर के सेफ्टी कवच पर हमला किया। इस हमले से इमरात में आग लग गई थी, जिसे बुझा दिया गया है। इस हमले से अभी तक रेडिएशन का लेवल बढ़ने की कोई खबर नहीं है। इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी ने कहा कि हमला स्थानीय समयानुसार सुबह 1:50 बजे हुआ। रूस ने इसे लेकर कोई बयान नहीं दिया है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी आज की अन्य बड़ी खबरें… अमेरिकी विदेश मंत्री को यूरोप ले जा रहा प्लेन तकनीकी गड़बड़ के चलते आधे रास्ते से वापस लौटा अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो को जर्मनी के म्युनिख ले जा रहे एयर फोर्स प्लेन को उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही वापस लौटना पड़ा। विमान में तकनीकी खराबी आ गई थी। एक अधिकारी ने बताया कि वॉशिंगटन के बाहर जॉइंट बेस एंड्रयूज से उड़ान भरने के 90 मिनट बाद ही विमान के कॉकपिट विंडशील्ड में कुछ दिक्कत आ गई थी। अब विदेश मंत्री को दूसरे विमान से म्यूनिख रवाना किया जाएगा। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने मस्क की टेस्ला से आर्मर्ड व्हीकल खरीदने का प्लान रोका अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने एलॉन मस्क की कंपनी टेस्ला के साथ बख्तरबंद इलेक्ट्रिक वाहनों (आर्मर्ड व्हीकल) की खरीद को लेकर बातचीत की थी, लेकिन ट्रम्प प्रशासन ने इस प्लान पर रोक लगा दी है। रिपोर्ट्स में सामने आया है कि यह डील करीब 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी 3,473 करोड़ रुपए में हुई थी। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, सिर्फ इलॉन मस्क की इलेक्ट्रिक कार कंपनी ने मई 2024 में इस प्लान को लेकर इंटरेस्ट दिखाया था। उस वक्त जो बाइडेन राष्ट्रपति थे। जब यह प्लान अपने शुरुआती फेज में था, तभी इसे साल की सबसे बड़ी डील माना जा रहा था। स्पेसएक्स ने 2008 से अब तक अंतरिक्ष यात्रियों और सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में ले जाने के लिए लगभग 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर (1.73 हजार करोड़ रुपए) फेडरल फंड्स हासिल किए हैं। टेस्ला को पहले ही अमेरिकी सरकार से 41.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर (363 करोड़ रुपए) मिल चुके हैं। इसमें कुछ अमेरिकी एंबेसीज को मुहैया कराए गए वाहनों का पेमेंट भी शामिल है। हालांकि, डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट का कहना है कि टेस्ला या किसी अन्य मैन्युफैक्चरर को आर्मर्ड इलेक्ट्रिक व्हीकल बनाने का कॉन्ट्रैक्ट नहीं दिया गया है।

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