केंद्र सरकार के रेलवे बजट 2026-27 में उत्तर पश्चिम रेलवे को 2.78 लाख करोड़ रुपए का बजट मिला है। इससे श्रीगंगानगर और आस-पास के सीमावर्ती इलाकों में रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास को नई रफ्तार मिलेगी। राजस्थान के लिए पहली बार 10,228 करोड़ रुपए से ज्यादा का बजट आवंटित हुआ है, जिसमें श्रीगंगानगर जैसे बॉर्डर एरिया में क्षमता बढ़ोतरी और नए प्रोजेक्ट्स पर खास फोकस है। उत्तर पश्चिम रेलवे के अनुसार श्रीगंगानगर में तेजी से विकास कार्य चल रहे हैं। जिनमें बठिंडा-हनुमानगढ़-सूरतगढ़-बीकानेर दोहरीकरण प्रोजेक्ट को करीब 324 किमी की मंजूरी मिल चुकी है। जिसमें श्रीगंगानगर से जुड़े रूट शामिल हैं। यह प्रोजेक्ट सूरतगढ़ तापीय परियोजना की कोयला मालगाड़ियों और पैसेंजर ट्रेनों के लिए गेमचेंजर साबित होगा। सिंगल ट्रैक की वजह से होने वाली देरी अब खत्म हो जाएगी, ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और क्षमता में कई गुना इजाफा होगा। श्रीगंगानगर के प्रमुख विकास कार्य सूरतगढ़-श्रीगंगानगर सेक्शन रायसिंहनगर होते हुए में इलेक्ट्रिफिकेशन का काम तेजी से पूरा हो रहा है। जिससे ट्रेनों का संचालन सुगम और पर्यावरण-अनुकूल बनेगा। श्रीगंगानगर-अमृतसर नई रेल लिंक प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है, इससे दोनों शहरों के बीच दूरी 150 किमी कम होगी और यात्रा तेज-सुविधाजनक बनेगी। यह व्यापार, पर्यटन और सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए बड़ा फायदा देगा। बजट का असर वर्ष 2024-25 में 70 किमी और 2025-26 में अब तक 94 किमी नई लाइन/दोहरीकरण पूरा हो चुका है। मार्च 2026 तक और 29 किमी जोड़कर कुल लक्ष्य पूरा होगा। 2026-27 में 350 किमी से ज्यादा कार्य पूरे करने का टारगेट है। फंड की कोई कमी नहीं रहेगी, सभी प्रोजेक्ट सुचारू रूप से चलेंगे।


