बलरामपुर जिले के कोरबा आश्रम भेलवाडीह स्थित बालक छात्रावास के छात्रों ने आज प्रशासनिक निर्णय के विरोध में प्रदर्शन किया। छात्रावास अधीक्षक उमा सोनवानी को हटाए जाने से नाराज छात्रों ने कलेक्टर से मिलने का फैसला किया और लगभग 4 किलोमीटर पैदल मार्च शुरू कर दिया। छात्रों के छात्रावास से बाहर निकलने की सूचना मिलते ही ट्राइबल विभाग में हड़कंप मच गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस, ट्राइबल विभाग की एसी समीक्षा जायसवाल, तहसीलदार और मंडल संयोजक मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान छात्रों ने छात्रावास प्राचार्य सुफला टोप्पो पर गंभीर आरोप लगाए। छात्रों ने बताया कि उनसे शौचालय और बाथरूम की सफाई कराई जाती है, उन्हें समय पर उचित भोजन नहीं मिलता और उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। आश्वासन के बाद छात्रावास लौटने छात्रों के अनुसार, इस संबंध में कई बार आदिवासी आयुक्त से शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई न होने के कारण वे निराश थे और कलेक्टर से सीधे मिलने पर अड़े थे। काफी देर तक चली समझाइश और अधिकारियों की ओर से दिए गए आश्वासन के बाद छात्र छात्रावास लौटने के लिए सहमत हुए। निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का भरोसा अधिकारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने छात्रों को यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। फिलहाल, सभी छात्रों को सुरक्षित रूप से छात्रावास वापस भेज दिया गया है। ट्राइबल विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू करने की बात कही है।


