इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन (आईएमआर) के गठन के लिए अभी भले ही सीमाओं का चिह्नांकन हो रहा है, लेकिन कई ऐसे काम हैं, जो आईएमआर ही कर सकेगा। इसके लिए बनने वाली अथॉरिटी ही जिलों की सीमाओं के बाहर जाकर इन पर निर्णय ले सकेगी। फिर चाहे लैंड पार्सल, भविष्य की योजनाओं का क्रियान्वयन, डीएमआईसी से पूरे एरिया को बतौर लॉजिस्टिक हब जोड़ना हो या इंडस्ट्रियल हब, टूरिज्म, इंटरटेनमेंट, आईटी, आईटीईएस, नॉलेज अब बनाना हो, इसके लिए प्लानिंग का प्रमुख जिम्मा आईएमआर के पास ही होगा। अच्छी बात यह है कि इसके लिए बनने वाले रीजनल मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी के प्रमुख मुख्यमंत्री खुद होंगे। इस कारण न केवल निर्णय लेने में आसानी होगी, बल्कि सभी विभागों का समन्वय भी हो सकेगा। जिस तरह इंदौर, उज्जैन का औद्योगिक विकास हो रहा है, ऐसे में प्रस्तावित डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के लिए आईएमआर एक अहम कदम होगा। महानगरीय क्षेत्र योजना का उद्देश्य ही क्षेत्र का संतुलित और न्यायसंगत स्थानीय विकास, क्षेत्र में भूमि विकास, बुनियादी ढांचा प्रावधान और परिवहन योजना को संतुलित करना है। क्षेत्र में आर्थिक और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक रणनीति तैयार करना भी इसी अथॉरिटी का काम होगा। इसी के साथ पर्यावरणीय संवेदनशील क्षेत्रों में विकास को प्रतिबंधित करना, वाटर बॉडी को संरक्षित करना, ग्रीन कवर को बनाए रखना, सुरक्षा और विकास के लिए विशेष क्षेत्री की कार्ययोजना बनाना भी प्रमुख काम होगा। 1756 गांवों की 9336 वर्ग किमी जमीन कलेक्टर आशीष सिंह का कहना है कि एक बार रीजनल प्लान, अथॉरिटी बनने से कई मुद्दों पर समन्वय आसान होगा। प्रस्तावित इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन प्लान में पांच जिलों के 1756 गांवों की 9336 वर्ग किमी जमीन शामिल होगी। यह इन जिलों की कुल जमीन का 59.09 प्रतिशत है। सबसे ज्यादा हिस्सा इसमें इंदौर, फिर उज्जैन, फिर देवास का होगा। इसके बाद धार और सबसे छोटा हिस्सा शाजापुर का होगा। किन तहसीलों का कितना हिस्सा होगा शामिल 1. इंदौर : बिचौली हप्सी, देपालपुर, महू, हातोद, इंदौर, कनाड़िया, खुड़ैल, मल्हारगंज, राऊ, सांवेर का 100 प्रतिशत हिस्सा होगा शामिल। इसमें कुल 690 गांवों का 3901.6 वर्ग किमी हिस्सा शामिल होगा। 2. उज्जैन : बड़नगर का 66.47%, घटि्टया का 68.78%, खाचरौद का 8.90%, कोठीमहल का 100%, नागदा का 66.34%, तराना का 36.18%, उज्जैन का 100%, उज्जैन नगर का 100%, उन्हेंल का 74.81 % एरिया शामिल होगा। इस तरह कुल 512 गांवों के 4483 वर्ग किमी एरिया में से 2740.3 वर्ग किमी का एरिया शामिल होगा। उज्जैन के कुल एरिया का यह 61.12% है। 3. देवास : बागली का 22.12%, देवास का 99.46%, देवास नगर का 100%, हाटपीपल्या का 42.89%, सोनकच्छ का 61.16%, टोंकखुर्द का 55.70% एरिया शामिल किया है। जिले में कुल 444 गांव हैं, जिनके कुल एरिया 3408.0 में से 2086.3 वर्ग किमी एरिया शामिल किया गया है। यह जिले के कुल एरिया का 61.22 प्रतिशत है। 4. धार : बदनावर का 10.32%, धार का 24.70%, पीथमपुर का 24.33% एरिया शामिल है। जिले में कुल गांव 107 हैं। इनके कुल एरिया 2947.8 में से 574.4 वर्ग किमी एरिया शामिल किया है। 5. शाजापुर : जिले में एकमात्र शाजापुर का 2.15 % एरिया शामिल किया गया है। जिले के कुल 3 गांव शामिल किए हैं। इनमें भी 1057.5 में से मात्र 33.3 प्रतिशत एरिया शामिल किया गया है, जो कि 3.15 प्रतिशत है।


