लुधियाना| पूर्व मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मामले में लुधियाना की अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डेजी बंगारह की अदालत ने सुनवाई करते हुए गूगल को निर्देश दिया है कि वह यूट्यूब चैनल से संबंधित आवश्यक विवरण जांच एजेंसी को उपलब्ध कराए। यह मामला प्रमुख दक्षिणपंथी यूट्यूबर और इन्फ्लुएंसर अजीत भारती के खिलाफ दर्ज आपराधिक केस से जुड़ा है। साइबर क्राइम, लुधियाना की ओर से दायर आवेदन पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि चूंकि इस मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज हो चुकी है, इसलिए जांच के उद्देश्य से डिजिटल फुटप्रिंट एकत्र करना और केस को आगे बढ़ाना आवश्यक है। एफआईआर 8 अक्टूबर 2025 को दर्ज की गई थी। पंजाब पुलिस के प्रवक्ता के अनुसार, संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट में ऐसे कथन शामिल थे जो हिंसा भड़काने, संवैधानिक पदों के प्रति सम्मान कम करने, अनुसूचित जाति के सदस्य का अपमान करने, विभिन्न वर्गों के बीच वैमनस्य फैलाने और शांति भंग करने की मंशा से किए गए प्रतीत होते हैं। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि डिजिटल साक्ष्यों के संग्रह के बिना मामले की प्रभावी जांच संभव नहीं है। अब जांच एजेंसी गूगल से प्राप्त होने वाली तकनीकी जानकारियों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।


