जयपुर में अवैध रूप से नियमों के विपरीत मीट और मांस बेचने वाले दुकानदारों की शनिवार को नगर निगम के कर्मचारियों से झड़प हो गई। इसके बाद स्थानीय थाना पुलिस और नगर निगम के सतर्कता दस्ते की मदद से मामला शांत करवाया। इस दौरान निगम की टीम ने 7 अवैध दुकानों को सीज कर दूषित मीट और मांस को जब्त कर नष्ट किया। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर योगेश शर्मा ने बताया कि हेरिटेज निगम कमिश्नर अरुण हसीजा के निर्देश पर पशु प्रबंधन शाखा ने मोती डूंगरी इलाके में जीवा चौधरी की गली, हकीम की गली और कमेला की गली में मीट की दुकानों पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दुकानदारों से लाइसेंस मांगने पर स्थानीय लोग निगम दस्ते से अभद्रता कर गाली -गलौज करते हुए हाथापाई पर उतारू हो गए। जिसके बाद सतर्कता शाखा के जवानों के सहयोग से पशु प्रबंधन शाखा के दस्ते ने 7 दुकानों को सीज कर दिया। डॉक्टर शर्मा ने बताया कि कार्रवाई के दौरान निगम के कर्मचारियों ने दौरान बिना लाइसेंस दुकान चलाने और खुले में मीट नहीं बेचने का हवाला दिया। लेकिन अवैध दुकानदार उग्र होते गए और दस्ते के साथ अभद्रता करने लगे। इस पर निगम के आला अधिकारियों को मौका स्थिति से अवगत कराया। इसके साथ ही निगम कर्मचारियों के साथ अभद्रता और मारपीट करने वाले लोगों के खिलाफ लाल कोठी पुलिस थाने में राज कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज कराया गया। नगर निगम हेरिटेज कमिश्नर अरुण कुमार हसीजा ने कहा कि अवैध रूप से मीट और मांस बेचने वालों के खिलाफ नगर निगम द्वारा अभियान के तहत कार्रवाई की जा रही है। आज भी निगम की टीम आदर्श नगर जोन में कार्रवाई करने पहुंची थी। जहां कुछ दुकानदार नगर निगम के कर्मचारियों से ही उलझ गए। जिनके खिलाफ लाल कोठी थाने में राज कार्य में बाधा का मुकदमा दर्ज करवाया गया है।


