बजट में कृषि, शहरी इंफ्रा एवं विकास, हरियाली, सामाजिक सुरक्षा, सड़क व पानी पर सबसे अधिक घोषणाएं की गई। 24 मंत्रियों में से किरोड़ीलाल मीणा, झाबरसिंह खर्रा, संजय शर्मा, अविनाश गहलोत, दिया कुमारी व कन्हैयालाल चौधरी सबसे आगे रहे। टॉप 5 सेक्टर में कृषि पर सबसे अधिक 1 लाख 19 हजार 408 करोड़ रुपए की घोषणाएं की गईं। इस क्षेत्र को बजट में सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। 69 हजार 422 करोड़ 99 लाख रुपए राज्य की संचित निधि से खर्च किए जाएंगे, जो कुल बजट का 11.36 प्रतिशत है। इसी तरह शहरी विकास एवं इंफ्रा के बुनियादी ढांचे के लिए 53 हजार 978 करोड़ की घोषणाएं की गईं। हरित बजट में हरियाली पर 33 हजार 476 करोड़ 53 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 20.18 प्रतिशत अधिक है। इसी तरह सामाजिक सुरक्षा को चौथी बड़ी प्राथमिकता दी। रूरल विमन बीपीओ, लखपति दीदी योजना के विस्तार, 11 हजार अमृत पोषण वाटिका निर्माण, 11924 आंगनबाड़ी मरम्मत सुधार सहित कई कार्य होंगे। इसी तरह 16,430 किमी नई सड़कों, 155 विशिष्ट सड़क प्रोजेक्ट्स और 250 ग्रामीण कंक्रीट पथ की महत्वपूर्ण घोषणाएं हुई हैं।


