झुंझुनूं में वेतन कटौती और कार्यस्थल पर दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर 108 एंबुलेंस कर्मचारियों ने बुहाना में प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने प्रशासन पर उनकी आर्थिक स्थिति से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो सेवाएं ठप कर दी जाएंगी। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने संबंधित कंपनी पर वेतन कटौती कर आर्थिक शोषण करने का आरोप लगाया। कर्मचारियों ने कहा कि समय पर और पूरा वेतन नहीं दिया जा रहा, जिससे उनके परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है। प्रदर्शन के दौरान प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। उच्च अधिकारियों पर अभद्र व्यवहार के आरोप कर्मचारी यूनियन प्रतिनिधियों ने ज्ञापन सौंपते समय बताया कि समस्या केवल वेतन तक सीमित नहीं है। उनका आरोप है कि जब कर्मचारी अपनी शिकायतें लेकर उच्च अधिकारियों के पास जाते हैं, तो उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता। अधिकारियों का अड़ियल और नकारात्मक रवैया कर्मचारियों में रोष का कारण बना हुआ है। BCMO ने सुनी बात, 7 दिन का समय मांगा बुहाना बीसीएमओ डॉ. जयवीर ने प्रदर्शनकारी कर्मचारियों से मुलाकात कर उनका ज्ञापन स्वीकार किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि कर्मचारियों की मांगों और मौजूदा स्थिति से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। मामले की जांच और समाधान के लिए उन्होंने 7 दिन का समय मांगा है। 7 दिन में समाधान नहीं तो चक्का जाम एम्बुलेंस कर्मचारी यूनियन के नेता मनेन्द्र सिंह ने चेतावनी दी कि यदि 7 दिनों के भीतर वेतन कटौती की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो जिले भर में 108 एंबुलेंस सेवाओं का चक्का जाम किया जाएगा। यूनियन का बयान मनेन्द्र सिंह ने कहा- “हम दिन-रात मरीजों की सेवा में लगे रहते हैं, लेकिन हमारे हक के पैसों पर कैंची चलाई जा रही है। अगर 7 दिन में समाधान नहीं हुआ, तो मजबूरन हमें एंबुलेंस के पहिए रोकने पड़ेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।”


