विस का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो गया है, लेकिन प्रदेश में सियासी गर्मी चरम पर है। सत्र शुरू होते ही कांग्रेस ने राज्य सरकार के एक साल का कार्यकाल पूरा होने पर भोपाल में प्रदर्शन किया। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह को छोड़कर जवाहर चौक पर कांग्रेस के सभी बड़े नेता, विधायक और जिला स्तर तक के कार्यकर्ता जुटे। उन्होंने ईडी की मनमानी कार्रवाई, खाद संकट आदि को लेकर सरकार को घेरा। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा बोले- कांग्रेस विधानसभा की कार्यवाही से भागकर जनता से धोखा कर रही है। एआईसीसी महासचिव भंवर जितेंद्र सिंह बोले- देश व प्रदेश में लूट, अत्याचार और भ्रष्टाचार का राज है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी व पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा कि मप्र की 70% आबादी कृषि पर निर्भर है। भाजपा सरकार वक्त पर खाद-बिजली नहीं दे पा रही। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे भी थे। सिर्फ डेढ़ घंटे चला सदन, दो नए विधायकों ने ली शपथ सरकार लाई 6 बिल, खाद आपूर्ति पर चर्चा नहीं हुई तो विपक्ष का वॉकआउट पहले दिन सिर्फ डेढ़ घंटे ही सदन चल सका। शुरुआत नवनिर्वाचित विधायकों की शपथ से हुई। इसके बाद सदन में दिवंगत पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि दी गई। पहले दिन सरकार ने 6 संशोधन विधेयक पेश किए। ये पहले ही कैबिनेट में पास हो चुके हैं। वहीं, शून्यकाल में नेता प्रतिपक्ष प्रदेश में खाद संकट पर चर्चा कराना चाहते थे, पर चर्चा नहीं कराए जाने पर कांग्रेस ने सदन का वॉकआउट कर दिया। सुबह 11 बजे शुरू हुआ सदन 12.39 बजे मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया। मंगलवार को सरकार अनूपूरक बजट पेश करेगी।


