इंदिरा मीणा बोलीं- अफसरों ने किया करोड़ों का घोटाला:कहा- खादी ग्रामोद्योग सहकारी समिति को दी थी 5 बीघा जमीन; 6000 फीट कॉलोनाइजर को दे दी

बामनवास विधायक इंदिरा मीणा ने आज बौंली की खादी ग्रामोदय सहकारी समिति परिसर का निरीक्षण किया। जिसमें अनियमितताएं देखने को मिलीं। मामले को लेकर विधायक इंदिरा मीणा ने विधानसभा में भी सवाल पूछा था। विधायक ने लगाए गंभीर आरोप विधायक इंदिरा मीणा ने आरोप लगाया कि मुख्य निवाई रोड पर लगभग 5 बीघा क्षेत्र में करोड़ों रुपए की बेशकीमती भूमि खादी ग्रामोदय सहकारी समिति को अलॉट की गई है। संस्थान के पदाधिकारियों ने मिलीभगत कर करोड़ों रुपए का घोटाला किया है। सत्र 2013-14 से सत्र 2022-23 तक संस्थान की औसत वार्षिक आय लगभग 5 लाख रुपए दिखाई गई है। वहीं औसत वार्षिक खर्च भी लगभग 5 लाख ही दिखाया गया है। जबकि संस्थान की ओर से सहकारी समिति परिसर में से लगभग 6000 फीट भूमि रास्ते के लिए कॉलोनाइजर को दी गई। जिसकी कीमत वर्तमान में लगभग 80 लाख रुपए है, लेकिन संस्थान ने नियम विरुद्ध इसका बेचान किया गया और महज 10 लाख रुपए की राशि प्राप्त करना बताया गया जिसको भी चार दीवारी व अन्य कार्यों की मरम्मत में खर्च करना बताया गया। परिसर में से खसरा नंबर 1861 की भूमि बुनकर के लिए आवंटित की गई है, लेकिन नियम विरुद्ध इस भूमि पर 11 दुकानें बनाकर उन्हें वाणिज्यिक उपयोग के लिए किराए पर दिया गया है। परिसर में एक हिस्से को निजी विद्यालय संचालित करने के लिए किराए पर दिया गया है। वहीं अंदर का मैदान गोदाम के उपयोग के लिए किराए पर दिया गया है। कुछ भूमि पर कृषि कार्य भी किया जा रहा है। विधायक इंदिरा मीणा ने बताया कि आवंटित भूमि को बेचने का अधिकार संस्थान के पास नहीं है। इसके बावजूद संस्थान के पदाधिकारियों ने इस भूमि को मोटे दामों पर बेच दी और कुछ हिस्सा आय के रूप में दर्शाया है। साथ ही बुनकर प्रशिक्षण के लिए बने भवनों में सैकड़ों युवाओं को रोजगार मिल सकता था, लेकिन इस भूमि पर दुकानें बनाकर किराए पर दिया गया। वर्तमान में संस्थान के मुताबिक किराए की वार्षिक आय रिकॉर्ड 5 लाख रुपए प्रतिवर्ष है। वहीं पूर्ववर्ती खादी ग्राम उद्योग की आय औसतन 5 लाख रुपए प्रति वर्ष थी। उसके बावजूद किराए की आय में 5 लाख रुपए प्रति वर्ष की वृद्धि होने पर भी बैलेंस शीट में आय और व्यय की राशि समान दिखाई गई है। ऐसे में संस्थान की ओर से भारी अनियमितताएं की जा रही हैं। कार्रवाई नहीं होने पर दी आंदोलन की चेतावनी साथ ही आठ दुकानों को प्रति दुकान 10 लाख 50 हजार रूपए पगड़ी व एक हजार मासिक किराए के रूप में दिया गया है। वही लाखों रुपए का निर्माण कार्य संस्थान के पदाधिकारियों ने किया है। जिसमें भी भारी घोटाला माना जा रहा है। विधायक इंदिरा मीणा ने जिला कलेक्टर व एसडीएम को शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच किए जाने की मांग की। साथ ही विधायक ने कहा कि मामले में उपयुक्त कार्रवाई न होने पर धरना प्रदर्शन भी किया जाएगा। इनपुट-आशीष मित्तल

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