भरतपुर की सेवर सेंट्रल जेल में पढ़ाई को लेकर एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत सजा याफ्ता कैदियों को साक्षर और ग्रेजुएट किया जा रहा है। जो कैदी साक्षर नहीं हैं। उन्हें जेल के अंदर ही सीनियर बंदी पढ़ा रहे हैं। कई ऐसे बंदी भी हैं जो आईटीआई कर रहे हैं साथ ही पलम्बर और इलेक्ट्रिशियन का कोर्स कर रहे हैं। जेल सुपरिटेंडेंट परमजीत सिंह ने बताया कि शिक्षा को लेकर जेल में कई काम किए जा रहे हैं। जेल के अंदर इग्नू का प्रोग्राम शुरू है। इग्नू के अंदर 80 बंदी अलग-अलग तरह के कोर्स कर रहे हैं। इसके अलावा 34 बंदी ITI में इलेक्ट्रिशियन, प्लम्बर का कोर्स कर रहे हैं। इसके अलावा एक साक्षर का अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत 35 बंदी निरीक्षक हैं। उन्हें साक्षर किया जा रहा है। उन्हें पढ़ाई के लिए चार्ट, कॉपी, स्लेट पैन आदि चीजें उपलब्ध करवाई गई हैं। जब कोई भी बंदी जेल में आता है तब उससे रजिस्टर में साइन करवाते हैं। इसको देखा जाता है कि वह साइन कर पा रहा है या नहीं कर पा रहा। जब कोई बंदी साइन नहीं कर पाता तो, उसे साक्षरता बैरिक में भेज देते हैं। जहां उसे अक्षर ज्ञान करवाया जाता है। जेल में एक सीनियर बंदी को लगाया हुआ है वह उन्हें पढ़ाता है। पढ़ाने वाला बंदी ग्रेजुएट है। सजा याफ्ता बंदियों को भी अन्य बंदियों के माध्यम से शिक्षित कर रहे हैं। हमारी कोशिश है कि सभी बंदी शिक्षित हो।


