जांजगीर | प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज के स्थानीय सेवा केंद्र साधना भवन, जांजगीर में शिव जयंती का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह 8:30 बजे शिव ध्वज फहराया गया। इसके बाद आध्यात्मिक संदेश के साथ प्रसाद वितरण किया गया। वरिष्ठ राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी चन्द्रिका ने शिव जयंती के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत में देवी‑देवताओं और महापुरुषों की जयंती मनाई जाती है, किंतु शिव का स्मरण रात्रि में विशेष रूप से किया जाता है। महाशिवरात्रि आत्मिक जागृति का प्रतीक है, जो अज्ञान रूपी अंधकार से ज्ञान रूपी प्रकाश की ओर ले जाने का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि निराकार शिव ज्योतिबिंदु स्वरूप होकर मानव माध्यम से कलियुग रूपी रात्रि से सतयुग रूपी नवीन युग की स्थापना का कार्य करते हैं। शिव ध्वज फहराना नई आध्यात्मिक चेतना और सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक है। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी सरस्वती, ब्रह्माकुमारी खुशबू, बीके फिरतु, बीके कमलेश सिंह सहित संस्था से जुड़े सदस्य और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण के साथ हुआ। मीडिया प्रभारी बीके फिरतु ने बताया कि शिव जयंती के माध्यम से समाज में शांति, सद्भाव और नैतिक मूल्यों के प्रसार का संदेश दिया गया।


