एसआई को पीटने वाले जेल प्रहरी को नकली चोटें:जेल अधीक्षक ने कहां मामूली थी मारपीट,एडीशनल कमिशनर ने कहां जांच करेंगे

इंदौर के बाणगंगा में एसआई को जोबट जेल के प्रहरी और उसके साथियों ने बंधक बनाया। वायरलेस सेट छीना और मारपीट की। इस मामले में हंगामा होने के करीब 15 घंटे बाद एफआईआर हुई। फिर अगले दिन अफसरों की फटकार के बाद जेल प्रहरी और उसके साथी का हाथ पैरो में पट्‌टे बांधकर बाणगंगा पुलिस ने जुलूस निकाला। जब दोनों आरोपियों को जेल भेजा गया तो वहां पट्‌टी खुलवाई गई। जिसमें उनकी चोटें मामूली निकली। इस मामले की जानकारी सोशल मीडिया पर फैली तो मामले में एडिशनल कमिश्नर ने जांच करवाने की बात कही। हालाकि शुरुआत से ही इस मामले में बाणगंगा पुलिस की लापरवाही सामने आई है। एडिशनल कमिश्नर अमित सिहं ने एक सप्ताह पहले बाणगंगा थाने के एसआई तोरेश्वर इक्का के साथ हुई मारपीट के आरोपी विकास(जेल प्रहरी)और उसके साथी आदित्य के साथ को बंधी पट्‌टी को लेकर जांच बैठाई है। एडिशनल कमिशनर ने कहां है कि अगर बाणगंगा पुलिस ने पूरे मामले को छिपाने और नकली पट्‌टी बंधवाकर आरोपियों का जुलूस निकाला है। तो पूरे मामले की जांच की जाएगी। कैसे हुआ खुलासा दरअसल विकास और आदित्य को कोर्ट से रिमांड खत्म होने के बाद सेन्ट्रल जेल भेजा गया। यहां पर जेल डीजी ने जेल प्रहरी होने के चलते विकास के चोटों की जानकारी मांगी। इसमें जेल अधीक्षक अलका सोनकर के सामने उनका सामना हुआ। उनकी जब पट्‌टी उतारी गई तो उसमें मामूली चोट मिली। अलका सोनकर ने बताया कि आरोपियों को चोट तो थी। लेकिन फेक्चर जैसा कुछ नही था। चोट मामूली थी। मारपीट से लेकर एफआईआर तक लापरवाही उक्त मामले में शुरुआत से ही हंगामा बरपा। 5 फरवरी की सुबह करीब 4 बजे एसआई टी इक्का पर वसूली और शराब पीने का आरोप लगाते हुए विकास और उसके साथियों ने मारपीट की। इस मामले में इसी दिन रात करीब 8 बजे 15 घंटे बाद एफआईआर की गई। थाने का स्टाफ ही इसमें टी इक्का को समझाने का प्रयास करता रहा। बाद में आरोपियों की जीप फोड़ते हुए भी वीडियो वायरल हुआ। फिर जुलूस के दौरान आरोपी लगड़ाते हुए नजर आए। लेकिन जेल में दाखिल के बाद चोटें सामान्य थी। बाद में पकड़ाए दो आरोपियों को भी मीडिया को बिना जानकारी के पकड़कर जेल भेजा गया। इस मामले में थाने की महिला एसआई और एक पुरूष एसआई की भूमिका शुरुआत से ही संदेह के घेरे में है। जांच एडिशनल स्तर के अफसर को सौंपी गई है।
रोजनामचा सहित सभी तथ्यों पर जांच एडिशनल कमिशनर अमित सिंह के मुताबिक इस मामले में रोजनामचा सहित सभी तथ्यों पर जांच होगी। इसमें विवेचक से भी पूछताछ की जाएगी। वहीं थाने के फुटेज और अन्य मामले में जांच कर गलत होने पर संबधित पुलिस अधिकारी और स्टाफ पर कार्रवाई की जाएगी।

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