ऑल राजस्थान को-ऑपरेटिव बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन एवं ऑल राजस्थान को-ऑपरेटिव एम्पलाइज यूनियन शाखा सवाई माधोपुर व करौली के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय अधिवेशन आयोजित किया गया।
इसे लेकर सवाई माधोपुर स्थित केंद्रीय सहकारी बैंक के प्रधान कार्यालय परिसर में समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि ऑल इंडिया फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रांतीय महासचिव सूरजभान सिंह आमेरा रहे। इस मौके पर ऑफिसर्स यूनियन के अध्यक्ष कालीचरण शर्मा व सचिव सुभाष बबेरवाल सहित सवाईमाधोपुर व करौली के कर्मचारी-अधिकारी मौजूद रहे। बैंक कर्मचारी और अधिकारी के हितों पर किया विचार
अधिवेशन में सहकारी बैंकों के अधिकारियों व कर्मचारियों के हितों के मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के बाद कई निर्णय लिये गए। इस दौरान मुख्य अतिथि आमेरा ने सरकार से मांग की है कि यदि सहकारी बैंकों के अधिकारियों/कर्मचारियों की लंबित मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आगामी दिनों में आंदोलन किया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।
आमेरा ने बताया कि प्रदेश के सहकारी बैंकों में सहकारी समितियों को माध्यम से प्रदेश के 35 लाख किसानों को फसली ऋण की आपूर्ति की जा रही है। संगठनात्मक हितों एवं संस्थागत दृष्टि से आम सभा का आयोजन किया गया। बैंकों के सामने जो चुनौतियां है उन पर चर्चा की गई। साथ ही लंबित समस्याओं के समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई। ‘सहकारी बैंकों में कर्मचारियों की भारी कमी’
उन्होंने कहा कि अफसोस का विषय है कि सवाई माधोपुर सहकारी बैंक के कर्मचारियों का पदोन्नति का मामला पिछले दो साल से लंबित चल रहा है। जिससे कर्मचारियों में भारी असंतोष है। सहकारी बैंकों में कर्मचारियों की भारी कमी है। साल 2019 के बाद से कोई नई भर्ती नहीं हुई है, जिससे किसानों व ग्राहकों को अच्छी सेवाएं नहीं दे पा रहे हैं। कम्प्युटर के युग में सवाई माधोपुर जिले की कई सहकारी बैंक शाखाओं में चेकर, मेकर उपलब्ध नहीं है। अधिकारियों की कमी से नए कार्मिकों को कार्यकारी सहायक प्रबंधक का अतिरिक्त चार्ज देकर कार्य कराया जा रहा है। जबकि उन्हें ऑफिशेटिंग अलाउंस का भुगतान भी नहीं किया जाता है। ‘मांगे नहीं मानने पर मजबूरन करना पड़ेगा आंदोलन’
प्रदेश के सहकारी बैंकों के कर्मचारियों को 15 दिवस का समर्पित अवकाश नकद बैंक स्तर पर करवाने, सेवानिवृत कर्मचारियों का तीन सौ दिवस का उपार्जित अवकाश बैंक स्तर पर लागू किया जाए। ऐसा नहीं होने पर प्रदेश के सहकारी बैंक के अधिकारी/कर्मचारी आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। अधिवेशन में पेंशन सुविधा लागू करने, सेवानिवृति के बाद आरजीएचएस चिकित्सा सुविधा देने, सहकारी बैंक ढांचे को थ्री टायर सिस्टम से टू टायर सिस्टम कर सहकारी बैंकों को अपेक्स बैंक की शाखाएं बनाने, केन्द्रीय सहकारी बैंकों में योग्य एवं कुशल प्रबंध निदेशक लगाने, राज्य सरकार द्वारा सहकारी बैंकों को 4 प्रतिशत और 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान की राशि का समय पर एवं एडवांस भुगतान देने आदि विषयों पर विस्तार से चर्चा कर प्रस्ताव पारित कर निर्णय लिये गए। अधिवेशन के शुभारंभ पर आयोजकों की ओर से अतिथियों का माला पहनाकर एवं साफा बंधवाकर स्वागत किया गया।


