पलामू टाइगर रिजर्व के दक्षिणी वन प्रमंडल के गारू पश्चिमी वन क्षेत्र में एक हाथी का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शनिवार रात को हुई इस घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। डिप्टी डायरेक्टर कुमार आशीष के अनुसार, प्रारंभिक जांच में हाथी के दांत सुरक्षित पाए गए हैं, जिससे शिकार की संभावना को नकारा जा सकता है। आपसी संघर्ष की वजह से मौत संभव घटनास्थल पर खून के छींटे मिलने से अनुमान लगाया जा रहा है कि हाथी की मौत आपसी संघर्ष की वजह से हो सकता है। वर्तमान में मेडिकल टीम द्वारा हाथी का पोस्टमॉर्टम किया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट से मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। इससे पहले 7 फरवरी को भी चंदवा थाना क्षेत्र के लाधुप पंचायत के दूधीमाटी गांव में एक हाथी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। उस मामले में भी वन विभाग ने हाथियों के बीच संघर्ष की बात कही थी, लेकिन अभी तक मौत का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। वन विभाग की टीम दोनों मामलों की गहन जांच कर रही है। क्षेत्र में हाथियों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।


