जालंधर के ED दफ्तर में अधिकारी रवि तिवारी का ट्रांसफर हुआ है। इसे कैप्टन अमरिंदर सिंह को समन देने के मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। कैप्टन को रवि तिवारी ने ही समन निकाले थे और आज (13 फरवरी) को पेश होने के लिए कहा था।
विदेशों में संपत्ति मामले में पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके बेटे रणइंद्र सिंह को समन जारी कर जालंधर ईडी दफ्तर में पेश होने के लिए समन जारी किया गया था। रणइंद्र सिंह को 12 फरवरी को पेश होना था लेकिन वह किन्हीं कारणों से पेश नहीं हो पाए।
कैप्टन अमरिंदर सिंह भी घुटने के आपरेशन का हवाला देकर पेश नहीं होने की बात कह चुके हैं। घुटनों के आपरेशन के दौरान की उनकी फोटो भी सामने आई थी। फोर्टिस अस्पताल मोहाली के डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी सेहत की निगरानी कर रही है। अस्पताल प्रशासन द्वारा दिए गए अपडेट के अनुसार, कैप्टन अमरिंदर सिंह की हालत इस समय स्थिर है। सर्जरी सफल रही है।
क्लोजर रिपोर्ट लीक होने पर हुआ ट्रांसफर
सूत्रों का कहना है कि ईजी जालंधर के जॉइंट डायरेक्टर रवि तिवारी का तबादला कार्रवाई क्लोजर रिपोर्ट लीक होने के मामले में किया गया है। केंद्र सरकार की तरफ से इसे लेकर सख्त रवैया अपनाया गया था। सूत्रों के अनुसार, भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए यह फैसला लिया है। पूर्व सीएम कैप्टन और बेटे रणइंद्र से फेमा के तहत चल रही पूछताछ
पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके बेटे पर 2006 से विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत दर्ज मामले में जांच चल रही है। आरोप है कि पिता पुत्र की कई देशों में संपत्तियां हैं, जिनकी जानकारी नहीं दी गई थी। कैप्टन के बेट रणिंदर सिंह ने एक्स पर पोस्ट डालकर लिखा है कि कानून का पालन करने वाले नागरिक होने के नाते हम प्रत्येक जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग करेंगे। हमें कानून के शासन पर पूर्ण विश्वास है और हमें भरोसा है कि सत्य और न्याय की ही जीत होगी। 5 पॉइंट में जानें क्या है पूरा मामला
स्विस बैंक में खाते होने का लगा आरोप: कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके बेटे रणइंदर सिंह से जुड़ा फेमा (Foreign Exchange Management Act) का मामला 2006 का है। 2006 में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने आरोप लगाया कि रणइंदर सिंह और उनके परिवार के सदस्य ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में बनाए गए एक ट्रस्ट और उससे जुड़े विदेशी बैंक खातों के लाभार्थी हैं। इनमें स्विस बैंका का भी खाता होने का आरोप है।
ट्रस्ट के जरिए विदेश में पॉपर्टी बनाने का आरोप: जांच एजेंसियों का दावा है कि कैप्टन फैमिली ने ट्रस्ट के जरिए ब्रिटेन और अन्य देशों में करोड़ों की कीमत की प्रॉपर्टियां बनाई हैं। इनका लेखा-जोखा भारत में इनकम टैक्स को नहीं दिखाया गया। ये भी आरोप है कि इन संपत्तियों को खरीदने के लिए इस्तेमाल किए गए पैसे का सोर्स भी नहीं बताया है। इससे फेमा नियमों को तोड़ा गया है। लुधियाना कोर्ट में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने दी थी शिकायत : शुरुआत में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने लुधियाना की अदालत में शिकायत दर्ज की थी कि उन्होंने अपनी विदेशी संपत्ति और आय की जानकारी छुपाई है। इसी शिकायत के आधार पर ED ने अपनी जांच शुरू की ताकि मनी लॉन्ड्रिंग और फारेन करंसी नियमों के उल्लंघन का पता लगाया जा सके। 2025 में हाईकोर्ट ने दी जांच की परमिशन: 2006 से चल रहा मामला कई कानूनी पेचीदगियों में फंसा रहा, लेकिन सितंबर 2025 में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने ED को उन सभी दस्तावेजों और सबूतों की जांच करने की परमिशन दे दी जो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने जुटाए थे।


