नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में उन्नाव की 9 साल की बच्ची की मौत हो गई। भगदड़ के दौरान बच्ची के सिर में लोहे की रॉड घुस गई, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई। पिता बेटी को ऑटो में लेकर कलावती अस्पताल भागे। अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टर ने कहा- काश आप थोड़ी देर पहले आए होते। पिता की आंखों से आंसू थम नहीं रहे हैं। उन्होंने अपने टूटे मोबाइल पर अपनी बेटी रिया की तस्वीर दिखाई। कहा- सरकार के 10 लाख से क्या मेरी बेटी लौट आएगी। दिल्ली स्टेशन पर शनिवार रात मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत हुई है। इनमें 11 महिलाओं और 5 बच्चे शामिल हैं। यह सभी महाकुंभ जाने के लिए स्टेशन पहुंचे थे। पिता ने सुनाई भगदड़ की पूरी दास्तान… मूल रूप से उन्नाव के रहने वाले ओपी सिंह, अपनी पत्नी अमिता और दो बेटियों अनन्या (14) और आयु (9) के साथ दिल्ली में ही रहते हैं। 15 जनवरी की रात को वह घर जाने के लिए परिवार के साथ दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। ओपी सिंह ने बताया कि हम अपने घर जा रहे थे। टिकट भी कंफर्म था, लेकिन भीड़ इतनी ज्यादा थी कि हमने घर लौटने का फैसला किया। प्लेटफॉर्म पर भीड़ देखकर वापस आने लगा
मैं अपनी पत्नी और बेटी के साथ 14 नंबर प्लेटफॉर्म से नीचे उतरा, लेकिन भीड़ देखकर वापस आने लगा। मैंने पत्नी से कहा कि भीड़ ज्यादा है, घर चलते हैं। भीड़ इतनी है कि न ट्रेन में चढ़ नहीं पाएंगे। छोटे-छोटे बच्चे हैं, सोने की भी जगह नहीं मिलेगी। इसके बाद हम जैसे ऊपर चढ़ने लगे। 6 सीढ़ी बची होगी, तभी अचानक ऊपर से आ रही भीड़ की वजह से मेरी बेटी फंस गई। ऊपर से 5 से 6 हजार की भीड़ नीचे आ रही थी। मेरी बच्ची का हाथ मेरे हाथ से छूट गया
लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर रहे थे। संभलने का मौका नहीं मिला। तभी छोटी बच्ची का हाथ मेरे हाथ से छूट गया। वो सीढ़ी के साथ वाले खाली हिस्से में घुस गई। यहां भीड़ की दबाव की वजह से लोहे का एक रॉड उसके सिर में घुस गया। खून अंदर जम गया था। पूरा काला पड़ गया। भगदड़ के दौरान नहीं थी कोई व्यवस्था ओपिल सिंह ने अपने आंसू पोंछते हुए बताया- भगदड़ के दौरान कोई व्यवस्था नहीं थी। एक पुलिस वाला सीटी बजा रहा था। बेटी जब मिली तो कोई एम्बुलेंस नहीं थी, पर्स भी गिर गया था। दो कुलियों ने 100-100 रुपए की मदद की। उसके बाद बेटी को ऑटो में लेकर कलावती अस्पताल भागे। अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टर ने कहा- काश आप थोड़ी देर पहले आए होते। 35 साल के सिंह ने आंसू रोकते हुए कहा- मेरी इतनी अच्छी बेटी थी। इसके बाद उन्होंने अपने मोबाइल पर अपनी बेटी रिया की तस्वीर दिखाई। जिसकी कांच की स्क्रीन पर दरारें और खरोंचें दिखाई दे रही थीं। सिंह ने कहा- सरकार के 10 लाख से क्या मेरी बेटी लौट आएगी। परिवार ने रविवार को दिल्ली में ही बच्ची का अंतिम संस्कार कर दिया। अब जानिए दिल्ली रेलवे स्टेशन पर क्यों हुआ हादसा? नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात 9:26 बजे भगदड़ से 18 लोगों की मौत हो गई। इनमें 14 महिलाएं और 3 बच्चे हैं। 25 से ज्यादा लोग घायल हैं। मृतकों को दिल्ली के RML अस्पताल लाया गया था। सूत्रों के मुताबिक, ज्यादातर शवों के सीने और पेट में चोटें थीं। उनकी दम घुटने से जान गई। हादसा प्लेटफॉर्म नंबर 13, 14 और 15 के बीच हुआ। महाकुंभ जाने के लिए स्टेशन पर शाम 4 बजे से भीड़ जुटने लगी थी। गाड़ी का प्लेटफॉर्म बदलने से मची भगदड़
रात करीब 8:30 बजे प्रयागराज जाने वाली 3 ट्रेनें लेट हो गईं, जिससे भीड़ बढ़ी। चश्मदीद के मुताबिक, गाड़ी का प्लेटफॉर्म 14 से 16 नंबर बदला गया। इससे भगदड़ मची। हादसे की जांच के लिए रेलवे ने दो सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। इसमें उत्तर रेलवे के दो अधिकारियों नरसिंह देव और पंकज गंगवार को शामिल किया गया है। कमेटी ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के सभी CCTV वीडियो फुटेज को सुरक्षित करने का आदेश दिया है। डीसीपी कर रहे भगदड़ हादसे की जांच
वहीं, दिल्ली पुलिस ने भी घटना की जांच शुरू कर दी है। जांच की जिम्मेदारी डीसीपी रैंक के अफसर को दी गई है। इससे पहले 29 जनवरी को प्रयागराज के महाकुंभ में 30 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, 10 फरवरी 2013 को कुंभ के दौरान प्रयागराज स्टेशन पर भगदड़ मची थी। हादसे में 36 लोग मारे गए थे। वो 3 बड़े कारण… जिससे हालात बिगड़े और जानें गईं ————————– ये भी पढ़ें… योगी ने हेलिकॉप्टर से पूरा महाकुंभ देखा:बोले- पार्किंग में तो गाड़ी ही नहीं दिख रही, सब रोड पर खड़ी हैं; ऐसा न करें सीएम योगी रविवार को फिर महाकुंभ पहुंचे। प्रयागराज आने वाली सड़कों से लेकर पूरे महाकुंभ मेले को हेलिकॉप्टर से देखा। योगी ने कहा- हेलिकॉप्टर से एरियल सर्वे में मैंने देखा कि पार्किंग में तो गाड़ी ही नहीं खड़ी है। हर व्यक्ति सड़क पर अपनी गाड़ी खड़ी करके संगम स्नान के लिए जा रहा है। ऐसा न करें। पढ़ें पूरी खबर…


