लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन और धार्मिक नगरों से आवाजाही करने वाली ट्रेनों में मारामारी की स्थिति देखने को मिल रही है। मेला स्पेशल ट्रेनों के साथ में गोमती एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बेकाबू नजर आ रही। लखनऊ में नई दिल्ली से पहुंची फाफामऊ मेला स्पेशल ट्रेन में भीड़ के चलते लखनऊ से कई यात्री ट्रेन में नहीं बैठ पाए। गोमती एक्सप्रेस से भी यात्रियों का हुजूम प्रयागराज जाने के लिए नजर आया। इसके साथ ही धार्मिक नगर अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी से आवाजाही करने वाली वंदे भारत सहित अन्य ट्रेन भी हाउस फुल चल रही है। ट्रेनों में 26 फरवरी तक प्रयागराज के लिए वेटिंग लखनऊ से प्रयागराज के लिए करीब 15 से अधिक ट्रेन आवाज ही करती हैं। इन ट्रेनों में 26 फरवरी तक सेट फूल बनी हुई है। इसमें नौचंडी एक्सप्रेस, ट्रेन नंबर 14308 प्रयागराज एक्सप्रेस, ट्रेन नंबर 22549 वंदे भारत एक्सप्रेस, ट्रेन नंबर 14210 लखनऊ प्रयागराज इंटरसिटी ट्रेन में जगह नहीं है। वही त्रिवेणी एक्सप्रेस और फाफामऊ स्पेशल ट्रेन रद्द कर दी गई है। ट्रेनों के रुकने पर सुरक्षा के लिए फोर्स मौजूद नहीं लखनऊ में रविवार को सिविल पुलिस, RPF के साथ में GRP के अधिकारियों ने गश्त की, गश्त के दौरान अधिकारी और सुरक्षा बल सक्रिय नजर आए, लेकिन इसके बाद स्टेशन पर पहुंची कई मेला स्पेशल सहित धार्मिक नगरों को जाने वाली ट्रेनों के दौरान ट्रेन रुकने पर यात्रियों के चढ़ते और उतरते समय सुरक्षा बलों की सक्रियता नजर नहीं आई। इसके कारण दुर्घटना की संभावना बनी हुई है। लोग ट्रेन के रुकने के पहले और चलने के बाद भी चढ़ते और उतरते नजर आए। चारबाग से आवाजाही करने वाले यात्रियों ने बताया दर्द एडीजी प्रकाश डी बोले योजना बनाकर कर रहे काम ADG रेलवे प्रकाश डी ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए जीआरपी, आरपीएफ तैनात है। योजना बनाकर काम किया जा रहा है। 35 दिन हो चुके हैं किसी प्रकार की कोई समस्या अभी तक नहीं हुई है। भीड़ प्रबंधन अच्छी तरह से किया जा रहा है। प्रयागराज में कुल 9 स्टेशन है। इसमें झूसी स्टेशन गोरखपुर और बिहार से आवाज ही करने वाली ट्रेनों के लिए उपयोग किया जा रहा है। फाफामऊ स्टेशन का उपयोग अयोध्या और लखनऊ रूट की ट्रेनों के लिए किया जा रहा। संगम स्टेशन यात्रियों की सुविधा के लिए प्रयोग नहीं किया जा रहा है। वन वे सिस्टम का पालन किया जा रहा है होल्डिंग एरियाज भी बनाए गए हैं। सीसीटीवी और ड्रोन कैमरे के जरिए निगरानी की जा रही है।


