घूमने आने वाले महिला-पुरुषों के साथ-साथ बच्चों को भी होना पड़ रहा मायूस

नेहरू पार्क में झूले ही नहीं, बल्कि यहां लगी पत्थर की कुर्सियां टूटी और बिखरी पड़ी है। यानी सार्वजनिक पार्क में बैठक व्यवस्था के लिए कुर्सियों की भी स्थिति सही नहीं है। यहां तक कि यहां लोहे के पोल भी टूटे पड़े हैं और पार्क की भी समय पर देखभाल नहीं हो रही है। पार्क की स्थिति भी बदहाल बनी हुई है। यहां पार्क में लाइटों के स्विच सहित अन्य बॉक्स भी खुले में पड़े हैं, यानी करंट का खतरा बना हुआ है। इससे कभी भी कोई दुर्घटना होने का डर लोगों को सताता रहता है। पार्क के हालातों के कारण बच्चों को सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है। जबकि शहर में कुछ पार्क ऐसे हैं, जिनकी देखरेख समय पर होती है। पार्कों में आने वाले परिवार के लोगों से बात की तो उन्होंने बताया कि बारिश में झूले जंग लगकर टूट चुके हैं। यह बहुत पुराने हो चुके हैं। मरम्मत समय पर नहीं होने से दिक्कत है। नए झूले लगाने पर हीे समस्या का समाधान हो सकता है। भास्कर न्यूज | नागौर नगर परिषद के परिसर में ही स्थित नेहरू पार्क के हालात खस्ता बने हुए हैं। शहर के बीच मुख्य सार्वजनिक सिटी पार्क में न तो बैठक व्यवस्था सही है और न ही बच्चों के झूले। पास के एमडीएच द्वारा संचालित पार्क सुविधायुक्त है, मगर परिषद के पार्क के हालात बदहाल है। यहां पार्क में बच्चों के झूलने के लिए लगे वर्षों पुराने झूले भी जंग लगकर टूटकर खुद झूल चुके हैं। ऐसे में पार्क में जो परिवार बच्चों को लेकर यहां पहुंच रहे हैं उन्हें झूले झूलना नसीब नहीं हो पा रहे हैं। पार्क में घूमने आने वाले महिला, पुरुषों के साथ-साथ बच्चों को भी मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। हालांकि नगर परिषद की तरफ से नेहरू पार्क में टूटे हुए झूलों को हटाकर जल्द ही नए झूले लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आने वाले कुछ समय बाद यहां नए झूले लगेंगे। नगर परिषद के पास इन पार्कों की देखरेख का जिम्मा है, लेकिन हालात देखकर हर कोई हतप्रभ रह जाता है। लंबे समय से झूले टूटे हुए हैं। इसके अलावा टूटी कुर्सियों को देखकर हर किसी का मन दु:खी हो जाता है। इसी तरह बिजली के पोलों के हालात भी कुछ इसी तरह के हैं। और तो और इनसे हादसे की आशंका तक बनी हुई है। इस ओर ध्यान नहीं होने से दिक्कत हो रही है। ^ नेहरू पार्क में लगे झूले वर्षों पुराने होने से बारिश में जंग लगकर टूटे चुके हैं, कई बार मरम्मत करवाई मगर फिर टूट गए हैं। इन टूटे झूलों को हटाकर उनके स्थान पर जल्द ही नए झूले लगाने का कार्य किया जाएगा। जिसमें एक्सरसाइज व बच्चों से जुड़े झूले लगाएंगे। इसके लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया की जाएगी। – हनुमान कापड़ी, एक्सईएन नगर परिषद।

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