महाराज ने कहा कि दिया मिट्टी का है या सोने का यह मायने नहीं रखता। प्रकाश कितना देता है यह उसका महत्व है। इसी प्रकार हम अमीर हैं या गरीब वह महत्व नहीं है। हम तन से और मन से कितने स्वस्थ हैं उसका महत्व है। प्रवचन के दौरान ही दिव्य तपस्वी आचार्य हंसरत्न सूरीश्वर महाराज के 16 उपवास के पारणा का चढ़ावा संपन्न हुआ। जिसका लाभ भंवरी देवी व जीवन चंद भूरट ने लिया। वहीं, अत्तर पारणा का लाभ कमला देवी व हीराचंद बांठिया ने लिया। समाज के श्रेयांश सिंघवी ने बताया कि सोमवार सुबह 7 बजे आचार्य भगवंत की निश्रा में गाजे-बाजे के साथ साध्वी भगवंत सकल संघ के साथ भुरट परिवार के निवास स्थान सुराणा की छोटी पोल पधारेंगे। प्रवचन के दौरान सकल जैन समाज के महिला व पुरुष मौजूद रहे। भास्कर न्यूज । नागौर श्री जैन श्वेतांबर तपागच्छ श्री संघ के जैन भवन में आचार्य श्री हंसरत्न सुरीश्वर महाराज व प्रवचन प्रभावक आचार्य तत्वदर्शन सूरीश्वर महाराज के सान्निध्य में नित्य नए आयोजन हो रहे हैं। जिसमें लोग शामिल हो रहे है। रविवार सुबह मंगल प्रवचन में आचार्य तत्वदर्शन सुरीश्वर महाराज ने बताया कि राग द्वेष से दूर होकर ही हम अपने जीवन को मंगल बना सकते है। जीवन में सबसे बड़ा विवाद राग द्वेष का है। जैसे जंगल में हिंसक पशु एक दूसरे को मार डालते हैं, विराधना करते हैं, ऐसे ही अपने जीवन में जो राग द्वेष है। उसके कारण परिवार से लेकर जो मन मुटाव होता है। उसका सबसे बड़ा कारण राग द्वेष है। उसको छोड़कर हमको उपवन जैसा जीवन जीना है। वहीं, जो करोड़पति है, घर में गाड़ी है, बंगला है, तो भी उसका मन अशांत रहता है। इतनी सारी सुविधाएं होने के बाद भी मन अशांत रहता है तो मन को शांत करने के लिए अपने जीवन में राग द्वेष कम करने चाहिए और धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेना चाहिए। नागौर. प्रवचन देते आचार्य हंसरत्न सूरीश्वर महाराज। नागौर. प्रवचन के दौरान मौजूद समाज के लोग।


