ग्वालियर | अब कोई भी शिक्षक परीक्षा, मूल्यांकन या इसी तरह के दूसरे कामों से मना नहीं कर सकेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी आदर्श कटियार के मुताबिक बोर्ड परीक्षा ड्यूटी में लगे जिले के सभी शिक्षकों के लिए 15 मई तक उनकी सेवाएं आवश्यक घोषित की गई हैं। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया है कि वे परीक्षा संबंधी उन्हें सौंपे गए काम निष्ठापूर्वक करें। ऐसा करने की स्थिति में मप्र अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विछिन्नता निवारण अधिनियम के तहत दण्ड मिलेगा। इसमें तीन साल तक का कारावास संभव है।


