लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह ने रविवार को रेसीडेंसी कोठी पर विभाग के अलग-अलग प्रोजेक्ट की समीक्षा की। समय सीमा से पीछे चल रहे प्रोजेक्ट और अलग-अलग कामों की गलत जानकारी पेश करने पर उन्होंने अफसरों को फटकार लगाई। बाणगंगा और मांगलिया रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण में देरी पर मंत्री ने नाराजगी जताई। अगस्त 2023 में शुरू हुआ बाणगंगा आरओबी का काम अभी 22 फीसदी ही हुआ है। अगस्त 2025 इसकी डेडलाइन है। वहीं दिसंबर 2023 में शुरू हुए मांगलिया आरओबी का काम भी 20 प्रतिशत ही हुआ है। अहम बात यह सामने आई कि इंदौर-उज्जैन रोड पर अब सिर्फ एक ही टोल रखा जाएगा। बैठक में कैबिनेट मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, विधायक उषा ठाकुर, मधु वर्मा, रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला व महेंद्र हार्डिया उपस्थित रहे। 37 निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई, जिनकी लागत 20 करोड़ रुपए से अधिक है। जहां 48% काम हुआ, वहां 7% भुगतान, गलत आंकड़े पेश किए
धार के एक प्रोजेक्ट में ठेकेदार को महज 7% का भुगतान किया गया था और काम की प्रगति 48% होना बताया गया। इस पर मंत्री ने आंकड़ों की सत्यता पर सवाल उठाया। इसी तरह बुरहानपुर के एक काम में समयावधि जून 2024 में पूरी हो चुकी थी और काम 40% होना बताया गया, लेकिन भुगतान 6% ही किया गया था। गलत जानकारी देने पर कुछ अधिकारियों को शोकॉज नोटिस देंगे। 1. इंदौर-उज्जैन टोल पर जाम से बचने के इंतजाम
सांसद शंकर लालवानी ने कहा, इंदौर-उज्जैन टोल पर शाम को लंबा जाम लग जाता है। फास्टैग सेंसर ठीक से काम नहीं कर रहे। एमपीआरडीसी के चीफ इंजीनियर राकेश जैन ने बताया कि सॉफ्टवेयर को अपडेट करेंगे। अभी आने और जाने के लिए 4-4 टोल लेन हैं। इन्हें और बढ़ाने पर चर्चा की गई। हालांकि जमीन उपलब्ध नहीं होने के चलते स्टैगर्ड टोल बनाने का सुझाव दिया गया। इसमें आने और जाने के टोल नाके कुछ दूरी पर बनाए जाते हैं। नया हाईवे बन जाने पर एक ही टोल रखेंगे। 2. गारंटी पीरियड सड़कों पर व्हाइट टॉपिंग नहीं होगी
इंदौर में व्हाइट टॉपिंग से तीन सड़कें स्वीकृत हुई थीं, लेकिन ये तीनों सड़कें परफॉरमेंस गारंटी में हैं। ऐसे में इनकी मरम्मत करना ठेकेदार की जवाबदारी है। एक सड़क पुराने एबी रोड पर रुचि सोया से बायपास तक 2.5 किमी, दूसरी सड़क पालदा से नायता मुंडला तक 3.8 किमी और तीसरी राजीव गांधी से राऊ चौराहे के बीच पुराने एबी रोड का 1.7 किमी का टाउन पोर्शन। इन तीनों सड़कों को मिलाकर इंदौर में 8 किमी सड़क व्हाइट टॉपिंग से बनना थीं। 17 करोड़ रुपए स्वीकृत थे, लेकिन अब ये काम नहीं होगा। 3. नेमावर, देपालपुर रोड, मंडलेश्वर मार्ग सुधारेंगे
जनप्रतिनिधियों ने इंदौर-नेमावर रोड के चौड़ीकरण, देपालपुर तक सड़क को फिर से बनाने और जाम गेट, मंडलेश्वर तक की सड़क को बनाने की मांग उठाई। इस पर एमपीआरडीसी ने बताया कि इंदौर-नेमावर रोड पर राघौगढ़ तक की सड़क बनाने के लिए फिजिबिलिटी सर्वे हो चुका है। 403 करोड़ रुपए की डीपीआर भी बन गई है। काम भी जल्द शुरू होगा। इसी तरह इंदौर-देपालपुर रोड के लिए 786 करोड़ रुपए की डीपीआर बना ली है। इसके लिए स्वीकृति ली जाएगी।


