लगभग 31 हजार रजिस्ट्रेशन हो जाने के बाद ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के रजिस्ट्रेशन बंद कर दिए गए हैं। वहीं, रूस, जर्मनी और जापान जैसे 30 से अधिक देशों के 70 डेलिगेट भी समिट में शामिल होंगे। इनमें रूस के उल्यानोवस्क प्रांत के गवर्नर, जिम्बाब्वे के डिप्टी मिनिस्टर और जापान के काउंसिल जनरल जैसे लोग शामिल हैं। जेट्रो, वर्ल्ड बैंक और जर्मन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट के अधिकारी भी जीआईएस में आकर निवेश संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। इन्वेस्ट एमपी पोर्टल से भोपाल में होने वाली जीआईएस के लिए मुख्य आयोजन के अलावा डिपार्टमेंट समिट और थीमेटिक सेशन के लिए रजिस्ट्रेशन बंद हो गए हैं। एमपीआईडीसी के अधिकारियों के मुताबिक 31300 रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। मुख्य आयोजन के रजिस्ट्रेशन 2 दिन पहले बंद हो गए थे जबकि डिपार्टमेंट सेशन -थीमेटिक सेशन के लिए देर शनिवार रात से रजिस्ट्रेशन बंद कर दिए गए हैं। अभी रजिस्ट्रेशन करने वालों को मंजूरी नहीं दी है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार बढ़ाने शामिल होंगे कनाडा, जापान के उद्यमी निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई देशों के व्यापार उद्योग संगठन भी शामिल होंगे। कनाडा के इन्वेस्ट ओटावा, जापान एक्सटर्नल ट्रेड आर्गेनाईजेशन, वर्ल्ड बैंक इंडिया के कई प्रतिनिधि, ताइवान एक्सटर्नल ट्रेड डेव्हलपमेंट कॉउंसिल, इंडो-जर्मन चैम्बर ऑफ कॉमर्स, ऑस्ट्रेलिया के ऑस्ट्रेड आदि शामिल होंगे। जापान-जर्मनी, स्विट्जरलैंड के राजनेता, राजदूत आएंगे रूस के उल्यानोवस्क प्रांत के गवर्नर रुसकिख अलेक्सेई युरएविच, जिम्बाब्वे के डिप्टी मिनिस्टर (इंडस्ट्री) राज मोदी, जर्मनी के काउंसिल जनरल आकिम फैबिग, जापान के काउंसिल जनरल यागी कोजी,जापान के जेट्रो के डायरेक्टर जनरल हिरोयुकी कीटामुरा, कनाडा की ट्रेड कमिश्नर इलाइन डिसूजा, इंडो-पोलिश चैम्बर के अध्यक्ष जे जे सिंह, थाईलैंड के काउंसिल नुआपरे बुंनांग, यूके दूतावास के राजनीतिक-द्विपक्षीय मामलों के मुखिया जॉन निकेल आदि शामिल हैं।


