सरकारी सेवा समय पर नहीं देने वाले कर्मियों पर होगा 10 हजार जुर्माना

भास्कर न्यूज| लुधियाना पंजाब ट्रांसपेरेंसी एंड अकाउंटेबिलिटी कमीशन के चीफ कमिश्नर वीके जंजुआ ने शुक्रवार को जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि तय समय में सरकारी सेवाएं देना कर्मचारियों की जिम्मेदारी है और इसमें लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि सभी सेवा केंद्रों, सांझ केंद्रों और फर्द केंद्रों पर स्पष्ट सूचना बोर्ड लगाए जाएं, ताकि लोगों को अपने अधिकारों और समय सीमा की जानकारी मिल सके। उन्होंने अधिकारियों से ईमानदारी और निष्ठा के साथ काम करने को कहा। जंजुआ ने चेतावनी दी कि जो अधिकारी या कर्मचारी जानबूझकर काम में देरी करेंगे, लोगों को परेशान करेंगे या गलत मंशा से फाइलें रोकेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने “ऑटो-अपील” मॉड्यूल के लाइव होने की जानकारी दी और बताया कि अपीलें अब एडीसी के खातों में सीधे भेजी जा रही हैं। कमिश्नर ने बताया कि अपील अथॉरिटी को 5,000 रुपए तक जुर्माना लगाने का अधिकार है। वहीं, बिना उचित कारण आपत्तियां लगाने या बार-बार आवेदन खारिज करने पर एक्ट की धारा 16(3) के तहत 10,000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि टुकड़ों में आपत्तियां उठाना या बिना वजह आवेदन रिजेक्ट करना “पंजाब ट्रांसपेरेंसी एंड अकाउंटेबिलिटी इन डिलीवरी ऑफ़ पब्लिक सर्विसेज़ एक्ट, 2018” की धारा 6(1) और 6(2) का सीधा उल्लंघन है। कमिश्नर ने बताया कि “कनेक्ट पंजाब” वेबसाइट पर उपलब्ध अपील मॉड्यूल के जरिए नागरिक तय समय में सेवा न मिलने पर अपील कर सकते हैं। साथ ही सीधे कमीशन को भी शिकायत भेजी जा सकती है। बैठक में डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन, एडिशनल डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार व रूपिंदर पाल सिंह, असिस्टेंट कमिश्नर डॉ. प्रगति और कमीशन के सेक्रेटरी डॉ. नयन समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ड्राइविंग लाइसेंस, बिल्डिंग प्लान सहित अन्य नागरिक सेवाओं से जुड़ा डेटा एकत्र कर समय-समय पर कमीशन को भेजा जाए। पंजाब ट्रांसपेरेंसी एंड अकाउंटेबिलिटी कमीशन के चीफ कमिश्नर के की मीटिंग

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