लुधियाना| बिजनेसमैन एस.पी. ओसवाल से 7 करोड़ रुपये की डिजिटल अरेस्ट ठगी मामले में लुधियाना पुलिस ने मास्टरमाइंड आरोपी को गिरफ्तार किया है। इंटरस्टेट मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से जुड़े मुख्य आरोपी अर्पित राठौर को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने केंद्रीय जेल कपूरथला से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया है। आरोपी पहले से ही प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में था। पुलिस के अनुसार अर्पित राठौर ने अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़ित को केंद्रीय एजेंसियों का अधिकारी बनकर वीडियो कॉल पर डराया और आधार व बैंक खातों के दुरुपयोग का हवाला देकर करीब 7 करोड़ रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करवाए। जांच में सामने आया है कि यह रकम शेल कंपनियों के खातों में जमा कराई गई, जहां से उसे 200 से अधिक तथाकथित “म्यूल” खातों में बांटकर ट्रांजेक्शन की परतें बनाई गईं। आरोप है कि बाद में रकम को क्रिप्टोकरेंसी, विशेष रूप से यूएसडीटी में परिवर्तित कर विदेशी संचालकों तक भेजा गया। राठौर को भारतीय नेटवर्क का प्रमुख संचालक माना जा रहा है, जो बैंक खातों के प्रबंधन और धन को देश से बाहर पहुंचाने की जिम्मेदारी संभालता था। पुलिस कमिश्नर के निर्देशों पर की गई कार्रवाई में आरोपी को 15 फरवरी 2026 तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश व डिजिटल साक्ष्यों की भी गहन जांच की जा रही है।


