कोटा गैस कांड मामले में सोमवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने जेकेलोन अस्पताल में भर्ती बच्चियों से मुलाकात की। बिरला ने इस दौरान कहा- मामले को लेकर सरकार की ओर से टीमें गठित की गई हैं, वे अपनी रिपोर्ट पेश करेंगी। इसके बाद सरकार एक्शन टेकन रिपोर्ट जारी करेगी। बिरला ने कहा- किसी बच्चे की आंखों में तकलीफ हुई तो किसी को सांस लेने में तकलीफ हुई। ऐसा अलग-अलग बच्चों ने जानकारी दी है। जब तक मेडिकल बोर्ड संपूर्ण जांच करके प्रमाणित नहीं कर देता कि बच्चा स्वस्थ है और इसको घर भेजा जा सकता है। तब तक उनकी मेडिकल जांच जारी रहेगी। वहीं ऊर्जा मंत्री नागर ने कहा- जानकारी में आया है कि बच्चों में जो लक्षण है वो सब अमोनिया गैस रिसाव के हैं। अब यह जांच का विषय है कि लापरवाही कैसे हुई। बता दें कि सोमवार 16 बच्चियों और 55 साल की महिला का जेकेलोन में इलाज चल रहा है। पहले पढ़िए हादसा कब-कहां हुआ कोटा के सिमलिया के गढ़ेपान गांव में चंबल फर्टिलाइजर्स केमिकल लिमिटेड (CFCL) की फैक्ट्री है। फैक्ट्री के पास ही सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल है। फैक्ट्री स्कूल की बाउंड्री से अटैच है, जबकि फैक्ट्री का गेट 500 मीटर दूर है। शनिवार (15 फरवरी) सुबह प्रार्थना (प्रेयर) चल रही थी। इसी दौरान CFCL से शटडाउन के दौरान अमोनिया गैस रिलीज की गई थी। इसके बाद स्कूल सहित आसपास के इलाकों में इसका असर होने लगा। घुटन, आंखों में जलन, उल्टियां होने लगीं। 15 छात्राओं सहित 18 लोगों की तबीयत बिगड़ गई थी। इसमें 6 छात्राओं को नाजुक हालत में कोटा के जेके लोन हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। बिरला बोले- परिजनों को सहयोग और सहायता मिले जेकेलोन में मीडिया से बातचीत करते हुए स्पीकर बिरला ने कहा- मैं यहां सभी बच्चों से मिला हूं। डॉक्टरों की टीम बच्चों की लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। बच्चे अभी स्वस्थ हैं और मेडिकल बोर्ड से बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कराई जा रही है। वहीं प्रशासन से कहा है कि सारे विषयों की विस्तृत जांच करें। घटनाक्रम और पहलुओं की जांच करें। परिवार वालों को सहयोग और सहायता मिले। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो इसके लिए भी फैक्ट्री मालिकों को पाबंद करें। घटनाक्रम की संपूर्ण जांच रिपोर्ट सरकार के पास भेजी जाएगी। सरकार पेश करेंगी एक्शन रिपोर्ट बॉयलर डिपार्टमेंट और पॉल्यूशन बोर्ड के अमोनिया गैस रिसाव से इनकार करने पर पूछे गए सवाल पर बिरला ने कहा- प्रशासन और सरकार ने इस बारे में विशेष जांच के आदेश दिए हैं। इससे संबंधित सभी विभाग अपनी जांच रिपोर्ट सरकार को देंगे। सरकार उस पर एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करेगी। उन्होंने कहा कि अभी कारणों का पता नहीं चल पा रहा है कि किस कारण से ऐसा हुआ। किसी बच्चे की आंखों में तकलीफ हुई किसी को सांस लेने में तकलीफ हुई ऐसा अलग-अलग बच्चों ने जानकारी दी है। जब तक मेडिकल बोर्ड संपूर्ण जांच करके प्रमाणित नहीं कर देता कि बच्चा संपूर्ण स्वस्थ है इसको घर भेजा जा सकता है जब तक उनकी मेडिकल जांच जारी रहेगी। बोले- संकेत है कि गैस रिसाव हुआ मंत्री हीरालाल नागर ने बताया- परिजनों की संतुष्टि के बाद ही बच्चों को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया जाएगा। प्रथम दृष्टया गैस के रिसाव के सिंप्टम्स हैं। जिस तरीके से बच्चों में लक्षण पाए गए हैं। इनमें आंखों में जलन, आंसू आना, घुटन महसूस होना गले में रुकावट पैदा हुई थी। बच्चों को गंध भी आई थी। यह सब संकेत है कि अमोनिया गैस का रिसाव हुआ है। अब ये कैसे हुआ इसका परीक्षण किया जा रहा है। जांच के बाद ही तय होगा कि क्या लापरवाही थी। गैस रिसाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… कोटा गैसकांड- एक-एक कर स्टूडेंट्स होते गए बेहोश:आंखें जलने लगीं थीं, दम घुट रहा था; 48 घंटे डॉक्टरों की निगरानी में रहेंगी छात्राएं कोटा के सिमलिया के गढ़ेपान गांव में चंबल फर्टिलाइजर्स केमिकल लिमिटेड (CFCL) की फैक्ट्री है। फैक्ट्री के पास ही सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल है। फैक्ट्री स्कूल की बाउंड्री से अटैच है, जबकि फैक्ट्री का गेट 500 मीटर दूर है। (पढ़ें पूरी खबर)


