IAS अफसर नियाज खान बोले- भारत में सभी हिंदू थे:इस्लाम अरब का धर्म, बरेली के मौलाना ने किया समर्थन, कहा- मजहब बदला गया

‘यह सही है कि भारत में ज्यादातर कन्वर्टेड मुस्लिम हैं। अरब देश से कुछ मुसलमान आए थे। वे जब भारत में आए तो उन्होंने ऊंच-नीच का फासला खत्म किया। इससे प्रवाहित होकर हिंदू, बौद्ध और अन्य धर्म के लोगों ने मुस्लिम धर्म स्वीकार कर लिया। मध्यप्रदेश के IAS नियाज खान के बयान को समझने की जरूरत है।’ यह कहना है, ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी का। दरअसल, IAS अधिकारी नियाज खान ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था। उन्होंने लिखा था- ‘इस्लाम तो अरब का धर्म है। यहां तो सभी हिंदू थे। भारत में हिंदू से लोग मुस्लिम बनाए गए थे। इसलिए भले ही धर्म अलग अलग हों, खून तो एक है। जो मुस्लिम अरब के लोगों को आदर्श मानते हैं, वे फिर सोचें।’ इस बयान के बाद IAS नियाज खान का विरोध शुरू हो गया था। मौलाना रजवी बरेलवी ने सोमवार शाम इसी बयान को लेकर एक वीडियो जारी कर नियाज खान का पक्ष लिया। पहले पढ़िए IAS नियाज खान ने क्या लिखा हिंदू से लोग मुस्लिम बनाए गए थे
मध्यप्रदेश कैडर के IAS अधिकारी नियाज खान ने X पर लिखा- सबसे पहले हिंदुओं को अपना भाई मानें, बाद में अरब को। अरब को अपना आका मानना बंद करें। अगर ब्राह्मणों को उचित उच्च स्थानों पर बैठाया जाए, तो देश फिर से अपना वैभवशाली इतिहास दोहरा सकेगा।’ बता दें, नियाज खान ने ब्राह्मणों पर एक किताब भी लिखी है। यह किताब इन दिनों काफी चर्चा में है। अब पढ़िए मौलाना शहाबुद्दीन का बयान मौलाना भी बोले- ज्यादातर कन्वर्टेड मुसलमान
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा- नियाज खान ने जो पोस्ट की है, उसका मतलब समझने की कोशिश की जानी चाहिए। वो कहना चाहते हैं कि ये अरब से आया हुआ मजहब है। बेशक मजहब-ए-इस्लाम, जो हिंदुस्तान में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में है। वो अरब से आया हुआ मजहब है। हिंदुस्तान को लोग कन्वर्ट होकर मुसलमान बने
मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा- ये अरब से नहीं आए थे। ये सब लोग यहीं के हैं। अरब से आने वालों लोगों की जो तादाद है, वो काफी कम है। ये कैसे मुमकिन हो सकता है कि करोड़ों की तादाद में अरब से लोग भारत आ जाएं। इस हकीकत को समझना चाहिए। यहां जो मुसलमान हैं, वो कन्वर्टेड मुसलमान हैं। उन्होंने मजहब तब्दील किया है। पहले ये हिंदू थे या बुद्धिस्ट थे या गैर मुस्लिम थे। हिंदुस्तान का मुसलमान अरब को आका नहीं मानता
मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा- ये बात कहना है कि अरब के लोगों को आका ना मानें। मैं ये बताना चाहता हूं कि कोई भी मुसलमान अरब के लोगों को आका नहीं मानता। हमारे पास उसूल है। इस्लाम का जो उसूल है, कुरान और हदीस। हिंदुस्तान का मुसलमान और पूरी दुनिया का मुसलमान कुरान और हदीस पर अमल करता है। ———————— ये खबर भी पढ़िए… मां को गीता सुनाते-सुनाते बनीं संन्यासिनी, VIDEO; मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी छोड़ी; जूना अखाड़े की महामंडलेश्वर जय अंबानंद गिरि की कहानी मैं 5 भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थी। मां पढ़ी-लिखी नहीं थीं। बचपन में मां अपने बगल में मुझे बैठाकर गीता और भागवत पुराण आदि सुनाने को कहती थीं। पढ़ाई के बाद एक इंटरनेशनल कंपनी में मैनेजर बन गई, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया और संन्यास की तरफ बढ़ गई। यह कहना है श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े की महामंडलेश्वर जय अंबानंद गिरि का। पढ़िए पूरी खबर

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