झांसी में बेटी ने बनाई मां की हत्या की पेंटिंग:बोली- पापा ने पहले मारा, फिर फांसी पर लटका दिया; सहम उठे लोग, MR पति फरार

झांसी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) की पत्नी की सोमवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह एक दिन पहले ही अपने ममेरे भाई की शादी से लौटी थी। सूचना पर पहुंचे माता-पिता को ससुराल वाले सुसाइड बताने लगे। मायकेवालों ने 5 साल की बेटी से भी मौत की वजह पूछी। तब बच्ची बोली- ‘पापा ने पहले मम्मी को मारा, फिर फांसी लगा दी’। उसने पेंटिंग बनाकर बताया कि किस तरह पापा ने हत्या की है। यह सुनते ही ससुराल वाले बच्ची को पकड़कर ले जाने लगे। मायके वाले भड़क गए। मौका पाकर पति संदीप, सास, जेठ-जेठानी फरार हो गए। हत्या का आरोप लगाते हुए परिजनों ने मेडिकल कॉलेज में हंगामा शुरू किया। कहा- ‘जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होते, तब तक लाश को नहीं उठाएंगे।’ पुलिस ने किसी तरह समझाकर मामला शांत करवाया है। पूरा मामला शहर कोतवाली के पंचवटी स्थित शिव परिवार कॉलोनी का है। पहले 3 फोटो देखिए… अब विस्तार से जानिए पूरा मामला… 6 साल पहले हुई थी सोनाली की शादी मृतका का नाम सोनाली था। वह समथर के नई बस्ती की रहने वाली थी। अभी वह फैमिली के साथ पंचवटी स्थित शिव परिवार कॉलोनी में रहती थी। पिता संजीव त्रिपाठी ने बताया, उन्होंने साल 2019 में बेटी की शादी संदीप बुधौलिया नाम के युवक से की थी। शादी में 20 लाख रुपए कैश और अन्य सामान दिया था, लेकिन ससुराल वाले कार की मांग कर रहे थे। इसको लेकर बेटी के साथ मारपीट होती थी। पहले भी पुलिस में शिकायत की गई थी। 2 साल केस चला तो मायके में रही
पिता ने बताया- 5 साल पहले सोनाली ने एक बेटी को जन्म दिया। ससुरालवालों ने कहा कि उन्हें बेटा चाहिए था। इसके लिए ताने मारे। उनको समझाया कि ये किसी व्यक्ति के हाथ में नहीं हैं। लेकिन, वे अस्पताल से भाग गए। ऐसे में बेटी को घर ले गया। एक माह बाद बेटी को दोबारा ले गए तो प्रताड़ित करने लगे। मारपीट कर हाथ जला दिए। तब हमने केस कर दिया। दो साल तक कोर्ट में केस चला। 6 माह पहले समझौता हो गया। तब बेटी को ससुराल भेजा। लेकिन हालातों में कोई सुधार नहीं हुआ। पिता को फांसी की सूचना दी पिता ने बताया- सोनाली के मामा के बेटे की शादी थी। सोनाली बेटी को लेकर 12 फरवरी को शादी में गई थी। 14 फरवरी को शादी हुई। रविवार को पति ने फोन कर कहा कि आ जाओ, वरना कभी मत आना। ऐसे में शाम को बेटी को भेज दिया। वो शाम करीब 6 बजे अपने घर पहुंच गई। आज सुबह बेटी के ससुराल से फोन आया कि सोनाली की तबीयत खराब है। तब सोचा कि शादी में गई थी, इसलिए कुछ हो गया होगा। फिर दोबारा फोन आया कि सोनाली ने फांसी लगा ली है। तब हम लाेग मेडिकल कॉलेज पहुंचे। 5 साल की नातिन ने पूरा राज खोला
पिता ने आगे बताया, मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो 5 साल की नातिन दर्शिका से पूछा। तब वह बोली कि पापा ने मारपीट की और फिर गला दबा दिया। इसके बाद उसने कागज पर पेंटिंग बनाई। इसमें मां की तस्वीर बनाकर पिता के हाथों से गला दबाते हुए दिखाया। दर्शिका की यह बात सुनकर ससुराल वाले सहम गए और उसे पकड़कर ले जाने लगे। तब मायके वालों ने हंगामा कर दिया। तब पति, सास समेत ससुराल वाले भाग गए। सूचना पर सीओ सिटी रामवीर सिंह, कोतवाली प्रभारी शैलेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। समझाने से मामला शांत करवाया। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद पता चलेगा, मौत कैसे हुई
सीओ सिटी रामवीर सिंह ने बताया कि महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है। मायके वाले हत्या का आरोप लगा रहे हैं। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा कि महिला की मौत कैसे हुई है। पूरे मामले की छानबीन की जा रही है। …………………. ये खबर भी पढ़िए… मां को गीता सुनाते-सुनाते बनीं संन्यासिनी, VIDEO; मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी छोड़ी; जूना अखाड़े की महामंडलेश्वर जय अंबानंद गिरि की कहानी मैं 5 भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थी। मां पढ़ी-लिखी नहीं थीं। बचपन में मां अपने बगल में मुझे बैठाकर गीता और भागवत पुराण आदि सुनाने को कहती थीं। पढ़ाई के बाद एक इंटरनेशनल कंपनी में मैनेजर बन गई, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया और संन्यास की तरफ बढ़ गई। यह कहना है श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े की महामंडलेश्वर जय अंबानंद गिरि का। पढ़िए पूरी खबर

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