हनुमानगढ़ में सरसों की फसल को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने मंगलवार को जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। माकपा नेता रामेश्वर वर्मा के अनुसार, जिले में सरसों की अच्छी पैदावार हुई है। सिंचाई और कृषि विभाग ने पानी की कमी के कारण किसानों को सरसों की बुवाई के लिए प्रेरित किया था। इसके चलते किसानों ने बड़े पैमाने पर सरसों की बुवाई की। अब फसल पककर तैयार हो चुकी है और जल्द ही मंडियों में आने लगेगी, लेकिन सरकारी खरीद की कोई तैयारी नहीं दिख रही है। सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5950 रुपए प्रति क्विंटल है। वहीं बाजार में यह 5500 रुपए से भी कम कीमत पर बिक रही है। किसान नेताओं की मांग है कि 15 मार्च से सरकारी खरीद शुरू की जाए। साथ ही ऑनलाइन पोर्टल 1 मार्च से शुरू किया जाए। अप्रैल या मई में खरीद शुरू करने से किसानों को कोई फायदा नहीं होगा। क्योंकि तब गेहूं की फसल भी मंडियों में आने लगेगी। माकपा कार्यकर्ताओं ने मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इस मौके पर रघुवीर वर्मा, बहादुर सिंह चौहान, शेरसिंह शाक्य, आत्मासिंह, बसंत सिंह, वेद मक्कासर और सुरेश सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।


